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Rajasthan: पर्यटकों के लिए खुला अलवर का 'कुंवारा किला', जानें इस नाम का रहस्य और लंबे समय से बंद होने का कारण

Fri, 15 Sep 2023 03:21 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: पर्यटकों के लिए खुला अलवर का 'कुंवारा किला', जानें इस नाम का रहस्य और लंबे समय से बंद होने का कारण
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बाला किला, अलवर - फोटो : Social media
राजस्थान में मौजूद कुंवारे किले को जनता के लिए खोल दिया गया है। लंबे समय से इस किले की मरम्मत का काम चल रहा था। कार्य पूरा होने के बाद पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक डॉक्टर महेंद्र खड़गावत ने किले को एक बार फिर खोलने के आदेश जारी किए है। जिसके बाद से पर्यटक इस कुंवारे किले की खूबसूरती को एक बार फिर निहार सकेंगे। 

इस किले को 'बाला किला' के नाम से जाना जाता है, जो राजस्थान के अलवर में है। इस वजह से इसे 'अलवर फोर्ट' भी कहा जाता है। पूरे अलवर में अगर देखें तो यह किला वहां की सबसे पुरानी इमारत है। माना जाता है कि इस किले का निर्माण कार्य 1492 ईस्वी में हसन खान मेवाती ने शुरू करवाया था। यह अपने भव्य संरचनात्मक डिजाइन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। 
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बाला किला, अलवर - फोटो : Social media
इस किले पर मुगलों से लेकर मराठों और जाटों तक का शासन रहा है। किले की दीवारों में 446 छेद हैं, जिन्हें खास तौर पर दुश्मनों पर गोलियां बरसाने के लिए बनवाया गया था। इन छेदों 10 फुट की बंदूक से भी गोली चलाई जा सकती थी। इसके अलावा दुश्मनों पर नजर रखने के लिए किले में 15 बड़े और 51 छोटे बुर्ज बनवाए गए हैं। 
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बाला किला, अलवर - फोटो : Social media
इसकी सबसे खास बात ये है कि इतिहास में इस किले पर कभी युद्ध नहीं हुआ। इस वजह से इसे 'कुंवारा किला' भी कहा जाता है। यह किला पांच किलोमीटर लंबा और करीब 1.5 किलोमीटर चौड़ा है। किले के अंदर प्रवेश के लिए कुल छह दरवाजे बनवाए गए हैं, जिनके नाम जय पोल, सूरज पोल, लक्ष्मण पोल, चांद पोल, कृष्णा पोल और अंधेरी पोल हैं। 
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बाला किला, अलवर - फोटो : Social media
कहा जाता है कि इस किले में मुगल शासक बाबर और जहांगीर भी रुक चुके हैं। बाबर ने यहां महज एक ही रात बिताई थी। वहीं जहांगीर किले के अंदर बने जिस कमरे में ठहरे थे, उसे आज 'सलीम महल' के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि इस किले के अंदर बेशकीमती खजाना छुपा हुआ है। माना जाता है कि वो खजाना धन के देवता कुबेर का है, लेकिन ये खजाना एक रहस्य ही है, क्योंकि आज तक कोई भी ढूंढ नहीं पाया है। 
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