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Rajasthan: एशिया की दूसरी सबसे बड़ी झील, शाहजहां ने इस महल से प्रभावित होकर बनवाया था ताजमहल, देखें तस्वीरें 

Tue, 24 May 2022 05:08 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
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देखें उदयपुर के दस पर्यटन स्थल की तस्वीरें। - फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान का उदयपुर जिला अपने इतिहास, संस्कृति और पर्यटन स्थल स्थलों के लिये प्रसिद्ध है। इसे पूर्व के वेनिस के नाम से भी जाना जाता है। शहर में फैली झीलों के कारण इसे झीलों की नगरी भी कहा जाता है। इसकी स्थापना 1559 में महाराणा उदयसिंह ने की थी, लेकिन इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलम मत हैं। 

कुछ का मानना है कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार उदयपुर की स्थापना आखातीज हुई, वहीं कुछ का इतिहासकारों का कहना है कि जिले की स्थापना पंद्रह अप्रैल 1553 में ही हो गई थी। बहरहाल, हम यहां आपको शहर के दस पयर्टन स्थलों के बारे से यहां बताएंगे। आइए जानते हैं शहर के दस प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में... 
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उदयपुर सिटी पैलेस - फोटो : सोशल मीडिया
उदयपुर सिटी पैलेस
पिछोला झील के तट पर स्थित सिटी पैलेस शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इसमें चार प्रमुख और कई अन्य छोटे-छोटे महल हैं। इनमें शाही परिवार के लोग रहा करते थे। अब महल के मुख्य भाग को संग्रहालय के रूप में संरक्षित कर किया गया है। इसमें रखे प्राचीन कलाकृतियां, पेंटिंग्स, अस्त्र-शस्त्र, जिरह-बख्तर, तलवारें, भाले और पोशाकें सहित अन्य प्राचीन चीजें पर्यटकों के देखने के लिए रखी गई हैं। 
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लेक पैलेस - फोटो : सोशल मीडिया
लेक पैलेस
शहर की पिछोला झील के बीचों-बीच जग निवास पैलेस स्थित है। इसे लेक पैलेस पांच सितारा होटल के नाम से जाना जाता है। यह महल एक द्वीप पर बना है। इसलिए यहां पहुंचने के लिए नाव से जाना पड़ता है। पैलेस को महाराजा जगतसिंह द्वितीय ने साल 1746 में बनवाया था।  यह लेक पैलेस जग निवास कहलाता था।  

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जग मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
जग मंदिर 
जग मंदिर भी पिछोला झील के बीच में ही स्थित है। इसका निर्माण 1620 में शुरू हुआ और 1652 के आस पास पूरा हुआ। गर्मियों में आराम करने के लिए शाही परिवार द्वारा इस महल का उपयोग किया जाता था। शाहजहां (शहजादा खुर्रम) ने अपने पिता सम्राट जहांगीर के खिलाफ विद्रोह कर यहां आश्रय लिया था। ऐसा कहा जाता है कि इस महल से प्रभावित होने के बाद ही शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण कराया था।  
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मानसून पैलेस - फोटो : सोशल मीडिया
मानसून पैलेस
सज्जनगढ़ किला अब मॉनसून पैलेस के नाम से प्रसिद्ध है। एक ऊंची पहाड़ी पर बने इस महल को महाराणा सज्जन सिंह ने अपनी शिकारगाह के रूप में बनवाया था। 19वीं शताब्दी में बने इस महल को एक खगोलीय केंद्र के रूप में बनवाया गया था, लेकिन सज्जन सिंह की अचानक मौके के बाद यह योजना सफल न हो पाई। अब यह एक प्रसिद्ध सन-सैट पॉइंट है।
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फतेह सागर झील - फोटो : सोशल मीडिया
फतेह सागर झील
यह एक कृत्रिम झील है। झील के बीच सुंदर नेहरू गार्डन के साथ-साथ एक द्वीप पर शहर की सौर वेधशाला भी है। इसे पहले 'कनॉट बंध' कहा जाता था, क्योंकि इसका उद्घाटन ड्यूक ऑफ कनॉट ने किया था।
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पिछोला झील - फोटो : सोशल मीडिया
पिछोला झील
पिछोली गांव के कारण इसे यह नाम दिया गया है। जगनिवास और जगमंदिर द्वीप इस झील के बीचों-बीच स्थित है। झील के पूर्वी किनारे पर सिटी पैलेस है। सूर्यास्त होने पर झील में नाव की सवारी, झील और सिटी पैलेस का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है।

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सहेलियों की बाड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
सहेलियों की बाड़ी
सहेलियों की बाड़ी शहर का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने महिलाओं के लिए एक बगीचे के रूप में इसका निर्माण कराया था। एक संग्रहालय के साथ-साथ इसमें संगमरमर के हाथी, फव्वारे, मंडप और कमल कुंड सहित कई आकर्षक चीजें देखने के लिए हैं।

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गुलाब बाग और चिड़ियाघर - फोटो : सोशल मीडिया
गुलाब बाग और चिड़ियाघर
उदयपुर में गुलाब बाग (सज्जन निवास गार्डन) शहर का सबसे बड़ा बगीचा है। यह करीब 100 एकड़ में फैला हुआ है। इस बगीचे में गुलाब की कई प्रजातियां मौजूद हैं। इसी कारण से इसका नाम गुलाब बाग पड़ा।

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दूध तलाई - फोटो : सोशल मीडिया
दूध तलाई
छोटी पहाड़ियों के बीच पिछोला झील के लिए जाने वाली सड़क के एक ओर दूध तलाई है। कई छोटी-छोटी पहाड़ियों के मध्य बसी यह दूध तलाई पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। दीनदयाल उपाध्याय उद्यान और माणिक्यलाल वर्मा बाग भी यहीं मौजूद है।  
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जयसमंद झील - फोटो : सोशल मीडिया
जयसमंद झील
दो पहाड़ियों के बीच में ढेबर दर्रा को कृत्रिम झील का स्वरूप दिया गया है। यह एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मानव निर्मित मीठे पानी की झील है। इसका निर्माण महाराज जयसिंह ने 17वीं शताब्दी में करवाया था। इस झील के आस-पास कई तरह के पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां भी नजर आती हैं। इसके अलावा भी उदयपुर में कई अन्य पर्यटन स्थल भी हैं, जहां आकर आपकों शांति और सुकून का अहसास होगा। 
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