नवजोत सिंह सिद्धू
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रोडरेज केस में पटियाला की जेल में बंद पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू का आचरण ठीक रहा और वह अनुशासन में रहे तो वह आठ महीने बाद भी रिहा हो सकते हैं। जेल के सुपरिंटेंडेंट और सरकार के पास यह अधिकार है, जिसके तहत वह कैदी को जेल में अच्छे आचरण के आधार पर सजा में कुछ दिनों की छूट दे सकते हैं। जेल नियमों के मुताबिक सिद्धू जेल में बनी फैक्टरी में काम करते हैं, तो उन्हें एक साल की सश्रम कैद की सजा में 48 दिन की छूट मिलेगी।
वहीं जेल के सुपरिंटेंडेंट के पास किसी भी कैदी को सजा में 30 दिन की छूट देने का अधिकार प्राप्त है। लेकिन जेल के नियमों का उल्लंघन करने वाले कैदियों को यह छूट नहीं मिलती है। वहीं डीजीपी या एडीजीपी जेल के पास भी सजा में 60 दिन की छूट का अधिकार है। हालांकि यह कुछ खास किस्म के मामलों में ही दी जा सकती है। विरोधी दल से होने के बावजूद सिद्धू के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ अच्छे संबंध हैं, जिसका सिद्धू को सजा में कुछ दिनों की छूट के रूप में फायदा मिल सकता है।