पंजाब के जालंधर में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जिले के एक गरीब मजदूर की 11 साल की बेटी की मौत हो गई। बच्ची में कोरोना जैसे लक्षण थे इसलिए इलाके के लोगों ने उसकी अर्थी को कंधा तक देने से इनकार कर दिया। मजबूर पिता बेटी की लाश को कंधे पर रखकर श्मशान घाट ले गया जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि घटना 10 मई की है लेकिन बेटी को कंधे पर लेकर जाते पिता का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वीडियो में जालंधर के रामनगर में लाचार व्यक्ति अपने कंधों पर एक शव लेकर जाता दिख रहा है। बुजुर्ग के साथ एक बच्चा भी था जो बार-बार नीचे गिर रहे लाश के ऊपर रखे कपड़े को उठा रहा था। 34 सेकेंड की इस दर्दनाक वीडियो ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी और लोगों को झकझोर कर रख दिया। दिलीप के मुताबिक, अमृतसर के गुरु नानक मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसकी बेटी के कोरोना संक्रमित होने की बात कही लेकिन कोई रिपोर्ट उन्हें नहीं सौंपी। दिलीप को इस बात का भी मलाल है कि किसी ने उसकी बेटी के शव को कंधा नहीं दिया बल्कि रास्ते में लोगों ने उसकी वीडियो जरूर बनाते रहे।