मंदिर जाने का मुख्य रास्ता चलिए मां के दर्शन करें। भारत के पूर्वी भाग में माता का शक्तिपीठ असम की राजधानी गुवाहटी के दक्षिण
भाग में है। माना जाता है कि यहां देवी सती का योनी भाग गिरा था।
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नवरात्र के आठवें दिन कामख्या शक्तिपीठ के दर्शन कीजिए
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कामख्या मंदिर के बाहर प्रसाद और चुनरी की दुकान। भक्तगण माता के लिए प्रसाद और चुनरी यहीं से खरीदते हैं। यहां का मुख्य प्रसाद चीनी से बना मरीच दाना है।
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नवरात्र के आठवें दिन कामख्या शक्तिपीठ के दर्शन कीजिए
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मंदिर के द्वार पर सुरक्षा के लिए लगा हुआ मैटेल डिटेक्टर। कोई आपत्तिजनक सामान लेकर मंदिर में मत आना नहीं तो मंदिर की बजाय जेल जाना पड़ेगा।
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कभी देखी है इतनी सारी घंटियां एक साथ किसी भी मंदिर में। छोटी बड़ी सभी आकार की है घंटियां ऎसा लगता है घंटियों का पूरा परिवार एक साथ मां का जयकार कर रहा हो।
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नवरात्र के आठवें दिन कामख्या शक्तिपीठ के दर्शन कीजिए
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मां कामख्या का भव्य मंदिर। मंदिर के आस-पास पूरे साल सिद्धियां प्राप्त करने की आस लगाए तांत्रिक और भक्त साधना में लीन रहते हैं।
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नवरात्र के आठवें दिन कामख्या शक्तिपीठ के दर्शन कीजिए
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कामख्या मंदिर की दीवारों पर भगवान गणेश और विष्णु के साथ माता की प्रतिमा। ऎसा लगता है मानो स्वर्ग से उतरकर देवता मंदिर की दीवारों पर आकर बस गए हैं।