पाटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों की गुंडागर्दी बुधवार को भी जारी रही है और पुलिस मूकदर्शक बनी उन्हें देखती रही। देशद्रोह के आरोपों में पुलिस हिरासत में लिए गए कन्हैया कुमार की पेशी से पहले सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के आदेश दिए। दिल्ली पुलिस ने परिसर में 400 जवान तैनात किए, हालांकि वे वकीलों की गुंडागर्दी नहीं रोक पाए। सोमवार को उन्हें लात-घूंसे से मारा था, आज वे बांस के डंडे से लैस थे।
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झंडे की आड़ में मोटे-मोटे डंडे, देखें वकीलों की हरकत
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पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए वकीलों बांस के मोटे डंडों में तिरंगा लगा रखा था। वकीलों का दावा था कि वे कन्हैया के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि उनके डंडे को देखकर उनकी मंशा सवाल उठ रहे थे।
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धरने-प्रदर्शनों या किसी भी आयोजन में तिरंगा बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता। आम तौर पर जिस डंडे में तिरंगा फंसाया जाता है, वह उतना मोटा और लंबा होता है, जितना जरूरी होता। अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में तिरंगा प्रतीक के रूप में प्रयोग किया गया था, लेकिन कभी किसी ने इतने मोटे डंडे का इस्तेमाल नहीं किया।
झंडे की आड़ में मोटे-मोटे डंडे, देखें वकीलों की हरकत
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टीवी चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक, वकीलों ने बुधवार को प्रमोद नाम के शख्स को बुरी तरह पीटा। बीबीसी की एक संवाददाता के मुताबिक, वकीलों ने ‘भारत माता की जय,’ ‘वंदे मातरम’ और ‘गद्दारों को फांसी दो’ जैसे नारे के साथ ही माँ-बहन की गालियाँ दीं।
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उपद्रवी वकीलों का नेतृत्व आज भी वही विक्रम सिंह चौहान कर रहा था, जिसने सोमवार को जेएनयू के अध्यापकों और छात्रों पर हमला किया था।