'अरे भाई, कैदियों की फरमाइश का गाना भी सुना दिया जाए। और ये क्या... इन बार बालाओं के लिए दर्शक पैसे क्यों नहीं निकाल रहे।' ये बोल किसी आम जन के नहीं हैं। ये हैं जिला कारागार के डिप्टी जेलर रवींद्र सरोज के, जो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर जिला कारागार के सामने आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।
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डांस का मजा ले रहे डिप्टी जेलर का शर्मनाक काम!
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सोमवार रात जिला कारागार के ठीक सामने दुर्गा मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। हर वर्ष जिला कारागार के कर्मचारी और आसपास रहने वाले लोगों के सहयोग से ये कार्यक्रम होता है। इस दफा बार बालाओं को भी बुलाया गया था।
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रात नौ बजे के आसपास डांस शुरू हुआ। कार्यक्रम में जिला कारागार के डिप्टी जेलर रवींद्र सरोज भी पहुंच गए।
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थोड़ी देर बाद उन्होंने दर्शक दीर्घा में कुर्सी पर बैठकर माइक मंगवाया और जेल के कैदियों द्वारा की गई फरमाइश बताते हुए एक फिल्मी गाना सुनाने की पेशकश की।
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फिर दर्शकों से बार बालाओं को पैसे देने की भी सिफारिश की। प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं कि डिप्टी जेलर ने दर्शक दीर्घा में बैठे-बैठे एक गाना भी सुनाया। यह स्थिति देर रात तक बनी रही।
इस मामले में जब जेल अधीक्षक एके सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम था। उसमें अगर डिप्टी जेलर शामिल हुए तो कोई गुनाह नहीं किया। कैदियों की फरमाइश और गाना गाने की बात पर जेल अधीक्षक चुप्पी साध गए।