मिलिए कुछ ऐसे लोगों से जो शैतान की पूजा करते हैं। वो शैतानी ताकत को खुश करने के लिए बकरों और मुर्गों को जला देते हैं।
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धड़कते दिल को जलाकर ये लेते हैं अपनी ऊर्जा...
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रूह कंपा देने वाली ये अजीबोगरीब परंपरा है अमेरिका के मेक्सिको के वेराक्रूज में रहने वाले कुछ लोगों की जो डेविल यानी की शैतान की पूजा करते हैं। सभी तस्वीरें डेली मेल से।
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इस परंपरा को ये लोग शैतानी के ईश्वर कहे जाने वाले सैटन के लिए निभाई जाती है। इसके तहत कुछ लोग जिंदा मुर्गों और बकरों को आग के हवाले कर देते हैं।
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इस रिचुअल को निभाते हुए लोग सबसे पहले नाचते-गाते हैं, फिर पैंटागन के आकार में बने पेंटाग्राम को जला देते हैं। फिर एक गुफा में जाते हैं।
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इस गुफा में जाने के बाद शैतान सैटन को अपना देवता मानने की प्रतिज्ञा लेते हैं। इस शपथ में वो अपनी जिंदगी शमन बनकर सैटन की पूजा करने के लिए ही कहते हैं।
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इस बाद वो लोग बाहर निकलते हैं और बकरों, मुर्गों को आग में जलाते हैं। वो मानते हैं कि धड़कते दिल से बहते खून को जलाने में एक ऊर्जा मिलती है जो बहुत ही शुद्घ होती है।
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इस पूरे कर्म-कांड को देखने के लिए कई पर्यटक पहुंचे हुए थे। उन्हें तो भरोसा नहीं हुआ कि पूजा के बाद वो लोग इस खून को पीते भी हैं। इसे शुद्घ मानते हैं।
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पर्यटर्कों ने इस कर्म-कांड की घोर विभत्सना की। उनके मुताबिक ऐसा किया जाना बिल्कुल गलत है। बलि दिए गए जानवरों के खून को इन्हें मानने वाले लोग अपने माथे पर भी गिरवाते हैं।
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ये काफी अजीब सी परंपरा है। देखने के लिए वाकई कलेजा ही चाहिए।