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जानिए, कौन है बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित, 19 साल से आश्रम में क्या चल रही थीं करतूतें

Sun, 24 Dec 2017 08:22 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के रोहिणी स्थित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से दो बार 41, 41 लड़कियों को छुड़वाया गया, इनके आश्रमों का इतिहास 19 साल पुराना है। आश्रम के संचालक वीरेंद्र देव दीक्षित का कंपिल में गंगा रोड स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विद्यालय 1998 में पहली बार चर्चा में आया था। 

पढ़ें:- दिल्ली के 'अय्याश' बाबा की सेक्स जेल, अश्लील खत और ढेरों कंडोम क्या है खेल?
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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
वहीं, नई दिल्ली के विजय विहार स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय सनसनीखेज मामले की जड़ें फर्रुखाबाद से जुड़ीं हैं। फर्रुखाबाद में सिकत्तरबाग मोहल्ले में स्थित वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में कोलकाता से लाई गई युवती को बंधक बनाने और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ यौन उत्पीड़न, पुलिस से मुठभेड़ समेत अन्य संगीन धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
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अाश्रम में मह‌िलायें
कंपिल क्षेत्र के गांव चौधरियान निवासी सोहन लाल दीक्षित के दो बच्चे वीरेंद्र देव दीक्षित और दूसरी पुत्री थी। सोहन लाल ने पुत्री की शादी शमसाबाद क्षेत्र में की थी। 1975 में वीरेंद्र देव का अपने पिता से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इससे नाराज होकर वीरेंद्र देव घर से चले गए थे। 1984 में पिता की मृत्यु के बाद वीरेंद्र देव लौट कर कंपिल आए और अपने पैतृक मकान में स्थानीय कुछ लोगों के सहयोग से आध्यात्मिक कार्यक्रम शुरू किया। 

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baba virendra dev dixit
कुछ समय बाद ही उन्होंने आश्रम का निर्माण कराया। यह आश्रम पहली बार 1998 में चर्चा में आया। 30 मार्च 1998 को कोलकाता की युवती के माता पिता ने कंपिल थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय सिंह यादव को पुत्री को आश्रम में बंधक बनाने की शिकायत की थी। तब पुलिस ने आश्रम में छापेमारी की। पीड़ित युवती को बरामद कर नारी निकेतन भेजा था। आश्रम के 11 सेवादारों पर शांतिभंग की कार्रवाई की थी। 
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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
3 अप्रैल को अहमदाबाद के एक व्यक्ति ने पुत्री को बरगलाकर आश्रम में दुष्कर्म और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वीरेंद्र देव दीक्षित, उनकी पत्नी कमलना व कर्नाटक की एक महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 16 अप्रैल को मथुरा की महिला की तहरीर पर वीरेंद्र देवी, कमला समेत तीन के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। वीरेंद्र को पकड़ने के लिए जब पुलिस ने छापा मारा तो आश्रम के सेवादार पुलिस से भिड़ गए थे।
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baba virendra dev dixit - फोटो : अमर उजाला
मामले में पुलिस ने वीरेंद्र देव व सेवादारों समेत आठ लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। चार-पांच वर्ष पूर्व सिकत्तर बाग स्थित आश्रम में भी युवती को बेधक बनाने का मामला चर्चा में आया था। तत्कालीन जिलाधिकारी मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई थी। जबरन युवती को रखने के मामले में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस ने आश्रम में जब छापेमारी की तो विवाद हो गया था। लेकिन मामला कुछ दिन चलने के बाद दब गया था।
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