'अय्याश' बाबा के आश्रम की महिला अनुयायियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बाबा को निर्दोष बताया है। महिलाओं ने बताया कि बाबा को फंसाने की साजिश रची जा रही है। रोहिणी में आश्रम में रहने वाली महिलाओं ने सभी आरोपों को गलत बताया है।
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baba virendra dev dixit
आश्रम की महिला अनुयायियों का कहना है कि आश्रम में कोई गलत काम नहीं होता। हालिया कार्रवाई आश्रम के संचालक बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को बदनाम करने की साजिश है। महिलाओं ने बताया कि संचालक पर 1998 में भी लांछन लगाया गया था, लेकिन वह जेल से छूटकर आ गए।
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बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
महिला अनुयायियों का कहना है कि वह करीब 15 साल से आश्रम से जुड़ी हैं। उनसे आश्रम ने कभी भी एक रुपये का दान नहीं मांगा। उनके मुताबिक, आश्रम में रहने वाली लड़कियों को बाहर की दुनिया से बचाने के लिए बाबा ने घर की घेराबंदी कराई है। यहां सभी के लिए एक सामान खाना बनता है। सभी फर्श पर सोते हैं।
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अाश्रम में महिलायें
यही तपस्वी जीवन है। हालांकि वे इस बात पर चुप्पी साध जाती हैं कि आश्रम को पिंजरे के रूप में क्यों बनाया गया है। आम लोगों को आश्रम में जाने की इजाजत क्यों नहीं है। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि आश्रम में लड़कियों का शोषण होता है। सब कुछ ठीक है तो फिर आश्रम को जेलनुमा क्यों बनाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीरेंद्र देव दीक्षित का आश्रम कई बार चर्चा में आया, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस हकीकत का खुलासा नहीं कर सकी। वीरेंद्र देव दीक्षित का सिकत्तर बाग और कंपिल में स्थित आश्रम किले के समान है। बाहर के लोगों को आश्रम में जाने की अनुमति क्यों नहीं है।