भैरवगढ़ जेल में महिला कैदियों ने मनाई दीपावली
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काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार का त्याग करने का संकल्प
कृष्णा गुरुजी ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान युग में काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार हमारे अंदर छिपे हुए राक्षस हैं। ये हमारे जीवन में अज्ञानता और असंतोष का अंधकार लाते हैं। उन्होंने नरक चतुर्दशी को बुराइयों का प्रतीकात्मक अंत मानते हुए कैदियों को इन राक्षसों को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि दीपावली का त्योहार इसी अंधकार को दूर कर ज्ञान और अच्छाई का प्रकाश लाने का अवसर है।
कृष्णा गुरुजी ने दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कैदियों से संकल्प कराया कि वे इन बुराइयों से दूर रहेंगे और अच्छे आचरण व अनुशासन के साथ जीवन में आगे बढ़ेंगे। इस दौरान महिला कैदियों में विशेष रूप से सौंदर्य सामग्री और मिठाई का वितरण किया गया। साथ ही उन्हें इस पर्व को संकल्पपूर्वक मनाने का अवसर प्रदान किया गया।