महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के महति आयोजन 18 अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव "शिव संभवम" की दूसरी संध्या में पहली प्रस्तुति डॉ. मधुमिता भट्टाचार्या के शास्त्रीय गायन की हुई। डॉ. मधुमिता भट्टाचार्या के शास्त्रीय गायन का प्रारम्भ राग भिन्नसरज विलंबित ख़याल एक ताल में अरज सुन लीजे गजानन...., राग भिन्नसरज में द्रुत ख़याल तीन ताल में मंगल कीजे गणराज....की प्रस्तुति के बाद राग शंकरा द्रुत ख़याल डमरू डम-डम बाजे....की प्रस्तुति दी गई। उसके बाद कजरी कहे करलू गुमान गोरी सावन में....की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति का समापन शिव भजन शिव-शिव के मन शरण हो से किया। तबले पर ज्ञानस्वरूप मुखर्जी, हारमोनियम पर डॉ. पंकज शर्मा व मंजीरा पर शिविका उपाध्याय ने संगत की।