कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में उज्जैन महाकाल मंदिर विस्तारीकरण योजना यानी महाकाल महालोक के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। साथ ही शक्तिपीठ मां हरसिद्धि का दरबार भी भव्य एवं दिव्य बनाया जाना था। इसके लिए सात करोड़ रुपये की एक योजना भी तैयार हुई थी। श्रद्धालुओं को माता के दर्शन के दौरान बारिश और धूप से बचाने के साथ ही वेटिंग हॉल भी बनना था। योजना का ड्राइंग और डिजाइन भी तैयार हो गया था। हालांकि, 2020 में जब कांग्रेस की सरकार गई तो भाजपा ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
राजा विक्रमादित्य की आराध्य देवी और देश के 52 शक्तिपीठों में से एक मां हरसिद्धि के दरबार में तेज धूप और बारिश से श्रद्धालुओं को बचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। 2019 में कमलनाथ सरकार ने सात करोड़ रुपये की योजना बनाई थी। डिजाइन और ड्राइंग भी मंजूर हो गए थे। लेकिन कमलनाथ सरकार के जाने के बाद यह प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया। यदि यह योजना साकार होती तो श्रद्धालुओं को बारिश और धूप में परेशानियों का सामना न करना पड़ता।