मस्जिद हटाई गई
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महाकाल मंदिर के पास स्थित निजामुद्दीन कॉलोनी में 257 मकानों को गिराने के लिए शनिवार सुबह से जेसीबी और पोकलेन चलाए गए। यह कॉलोनी महाकाल लोक से लगी हुई है और यहां तकिया मस्जिद भी थी, जिसे कार्रवाई के दौरान हटाया गया है।
लगभग सवा दो हेक्टेयर की इस जमीन को खाली कराकर पार्किंग बनाई जाएगी। कार्रवाई में एक दर्जन से ज़्यादा जेसीबी और पोकलेन, 200 से ज़्यादा पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहे, जिसने तकिया मस्जिद के साथ ही अब तक 100 से ज़्यादा मकानों को धराशाई कर दिया है। कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी तरह का विरोध नहीं हुआ। वैसे याद रहे कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। पिछले दो साल से इस मामले में न्यायालय और प्रशासन की कार्रवाई चल रही थी। रहवासियों को नोटिस दिए गए थे और उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका भी खारिज कर दी थी। प्रशासन ने रहवासियों को कुल 66 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है, जिसमें से 32 करोड़ रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं। बाकी का मुआवजा भी जल्द ही दिया जाएगा।
स्वेच्छा से खाली किए मकान
कई रहवासियों ने स्वेच्छा से अपने मकान खाली कर दिए और सामान निकाल लिया। हालांकि, कुछ मकानों को बुलडोजर से गिराना पड़ा। आज 100 से ज़्यादा मकान और मस्जिद को गिरा दिया गया था। सवा दो हेक्टेयर में फैली इस कॉलोनी को पूरी तरह खाली कराया जाएगा। इस जमीन का इस्तेमाल महाकाल मंदिर के लिए पार्किंग बनाने में किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कार्रवाई वाले क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। शुक्र है कि कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी तरह का विरोध या अप्रिय घटना नहीं हुई।
यह है पूरा मामला
महाकालेश्वर मंदिर के 500 मीटर क्षेत्र में आने वाले 257 मकानों का अतिक्रमण हटाने के लिए सुबह जेसीबी, पोकलेन व अतिक्रमण रिमूवल गैंग के कर्मचारियों के साथ पुलिस व प्रशासन तकिया मस्जिद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचा थी। जहां इस कार्रवाई की शुरुआत हुई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसीलिए बड़ी संख्या में यहां पुलिस बल तैनात रहा। बताया जाता है कि तकिया मस्जिद के आसपास के 257 मकान में लगभग सात मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसीलिए अभी इन मकानों को छोड़कर बाकी के मकान पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।