श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय पुजारी महासंघ पं. महेश पुजारी
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शिवराज ने बाबा महाकाल की अध्यक्षता में की थी कैबिनेट की बैठक
पुजारीजी ने बताया कि पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन में कैबिनेट का आयोजन उज्जैन में किया था, जिसमें उन्होंने बाबा महाकाल की तस्वीर रखकर उनकी अध्यक्षता में इस बैठक को किया और यह बताने की कोशिश की थी कि यहां के राजा बाबा महाकाल हैं और मैं उनका प्रतिनिधि हूं।
उज्जैन के बाबा महाकाल ही हैं राजा
पौराणिक कथाओं और सिंहासन बत्तीसी के अनुसार राजा भोज के समय से ही कोई भी राजा उज्जैन में रात्रि निवास नहीं करता है, क्योंकि आज भी बाबा महाकाल ही उज्जैन के राजा हैं। महाकाल के उज्जैन में विराजमान होते हुए कोई और राजा, मंत्री या जन प्रतिनिधि उज्जैन नगरी के भीतर रात में नहीं ठहर सकता है। इस धारणा को सही ठहराते कई ज्वलंत उदाहरण उज्जैन के इतिहास में मौजूद हैं।
इन्होंने उज्जैन मे रात गुजारी और चला गया था पद
देश के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई जब महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद उज्जैन में एक रात रुके थे तो मोरारजी देसाई की सरकार अगले ही दिन ध्वस्त हो गई थी। उज्जैन में एक रात रुकने के बाद कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा को 20 दिनों के भीतर इस्तीफा देना पड़ा था। याद रहे कि सिंधिया घराने का कोई भी सदस्य उज्जैन में इसी परंपरा के कारण कभी रात नहीं गुजारता है।