फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain News: गैर-मुस्लिमों के लिए उज्जैन में हजरत साहब पर निबंध प्रतियोगिता, बवाल के बाद करनी पड़ी स्थगित

Tue, 13 Dec 2022 01:27 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की आपत्ति के बाद उज्जैन में आयोजकों ने हजरत मोहम्मद पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता को स्थगित कर दिया है। इस प्रतियोगिता में सिर्फ गैर-मुस्लिम ही भाग ले सकते थे।
 
विज्ञापन
1 of 2
उज्जैन में पैगंबर साहब पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जो सिर्फ गैर-मुस्लिमों के लिए थी। - फोटो : अमर उजाला
उज्जैन में पैगाम ए इंसानियत सोसायटी द्वारा हजरत मोहम्मद पर एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी। सिर्फ गैर मुस्लिमों को ही प्रतियोगिता में शामिल होने की अनुमति थी। इस प्रतियोगिता को लेकर हिंदू संगठनों ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को शिकायत की थी। साथ ही इस प्रतियोगिता पर रोक लगाने की मांग की थी। आशंका जताई थी कि यह हिंदुओं का धर्मांतरण करवाने की साजिश हो सकती है। इस मामले को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संज्ञान में लेते हुए उज्जैन एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल को प्रतियोगिता स्थगित करने के निर्देश दिए थे।

इस पूरे मामले मे एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला का कहना है कि गृहमंत्री के निर्देश प्राप्त हुए हैं। उसके बाद प्रतियोगिता के आयोजकों की जानकारी जुटाई गई। इस प्रतियोगिता पर रोक लगा दी गई है। अब शहर में इस प्रकार की कोई भी प्रतियोगिता आयोजित नहीं होगी।  वहीं, इस प्रतियोगिता पर बवाल मचने के बाद आयोजक पैगाम-ए-इंसानियत संगठन ने भी तत्काल इस प्रतियोगिता को स्थगित कर दिया है। प्रतियोगिता को आयोजक सैयद नासिर ने बताया कि हर जाति व मजहब के लोगों को हजरत मोहम्मद के बारे में बताने के लिए इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा था। इस प्रतियोगिता के पीछे हमारा मकसद गलत नहीं था लेकिन इसका गलत मतलब निकाला गया। एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला से हुई चर्चा के बाद इस प्रतियोगिता को निरस्त कर दिया गया है। इसकी सूचना भी सार्वजनिक कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
संस्था ने आयोजन को स्थगित कर दिया है। - फोटो : सोशल मीडिया
हिंदू संगठनों ने जताया था विरोध
बजरंग दल सह-संयोजक पिंटू कौशल का कहना है कि इंसानियत गजवा हिंद सोसायटी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता मे सिर्फ हिंदुओं को ही प्रतियोगिता में शामिल किया जा रहा था। उन्हें मोहम्मद पैगंबर पर जीवनी लिखनी थी। इसके लिए बकायदा सोसायटी द्वारा रजिस्ट्रेशन कर एक किताब भी उपलब्ध करवाई जा रही थी। इसका नाम रहमत-ए-आलम था। यह मोहम्मद साहब की जीवनी पर आधारित थी। पिंटू ने बताया कि इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए उज्जैन में सात स्थान निर्धारित किए गए थे, जहां रजिस्ट्रेशन हो रहे थे। हमें पता चला तो हमने एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला और एडीएम संतोष टैगोर को कार्यक्रम निरस्त करने को कहा था। इस मामले से गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी अवगत करवाया था। उन्हें बताया था कि प्रतियोगिता के नाम पर यह लोग मोहम्मद साहब की जीवनी पढ़ाकर लोगों को धर्मांतरण की ओर ले जा रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें