फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उज्जैन: गुड़ी पड़वा पर मनेगा शहर का गौरव दिवस, महाकाल के आंगन से एक दिन पहले होगी जन्मोत्सव की शुरुआत

Mon, 28 Mar 2022 05:57 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

पहली बार उज्जैन का जन्मोत्सव गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 2 अप्रैल को जन्मोत्सव मनेगा और पूरा शहर सजाया जाएगा। इसके एक दिन पहले 1 अप्रैल की शाम को महाकाल के आंगन से जन्मोत्सव की शुरुआत होगी और भव्य शोभायात्रा निकलेगी। 
विज्ञापन
1 of 3
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन। - फोटो : सोशल मीडिया
शहरों का जन्मदिन मनाने की कड़ी में इस साल पहली बार उज्जैन का जन्मोत्सव गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) पर धर्म नगरी उज्जैन का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भव्य आयोजन की तैयारियां हो रही हैं। गौरव दिवस से एक दिन पहले महाकाल मंदिर से चल समारोह निकाला जाएगा। 

जानकारी के मुताबिक उज्जैन के राजा भगवान महाकाल है इसलिए शहर के जन्मोत्सव की शुरुआत महाकाल के आंगन से ही की जाएगी। एक अप्रैल को शाम 4 बजे महाकाल मंदिर से लाव लश्कर के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। चल समारोह में सबसे आगे ज्योतिर्लिंग का प्रतीक चांदी का ध्वज रहेगा। धार्मिक झांकियों में सबसे आगे भगवान महाकाल की झांकी रहेगी। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य, भर्तृहरि, कालिदास तथा विक्रमादित्य के नवरत्नों पर आधारित झांकियों का कारवां रहेगा। बैंड बाजे, झांझ डमरू दल, हाथी, घोड़े, कला पथिक दल आदि शामिल रहेंगे। महाकाल मंदिर से शुरू होकर चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए फ्रीगंज स्थित शहीद पार्क पहुंचकर संपन्न होगा।
विज्ञापन

2 of 3
महाकाल भस्मारती के दर्शन - फोटो : सोशल मीडिया

हर घर होगा रोशन, सजेंगे चौराहे
गुड़ी पड़वा पर 2 अप्रैल को उज्जैन का गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शहर के हर घर में रोशनी की जाएगी। रंगोली बनाई जाएगी। चौराहों को सजाया जाएगा। शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, बाइक रैली का आयोजन होगा। सभी कार्य जन-सहभागिता से किए जाएंगे। जन-सहभागिता प्राप्त करने के लिए  सिंहस्थ मेला कार्यालय में समाज के विभिन्न वर्गों, एनजीओ, शिक्षण संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के हर वर्ग ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी लेने की बात कही। कलेक्टर आशीष सिंह ने गौरव दिवस की रूपरेखा बताते हुए कहा कि उज्जैन प्राचीनतम शहरों में से एक है और यह कालगणना का केन्द्र रहा है। विक्रम संवत् की शुरुआत भी यहीं से हुई है। सिंहस्थ-2016 के अभूतपूर्व एवं सफल आयोजन से सम्पूर्ण देश में उज्जैन की छवि उज्ज्वल हुई है। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा साढ़े 700 करोड़ रुपये लगाकर महाकाल मंदिर के आंगन को सजाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में प्रत्येक शहर का जन्म दिवस गौरव दिवस के रूप में मनाने की परिकल्पना दी गई है। इसी को लेकर सबसे पहले उज्जैन शहर में गुड़ी पड़वा 2 अप्रैल को गौरव दिवस मनाया जा रहा है। 2 अप्रैल को मुख्यमंत्री उज्जैन शहर में रहकर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद समाज के विभिन्न वर्गों के व्यक्तियों से आह्वान किया कि वे गौरव दिवस के आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि जो भी समाज के लोग गुड़ी पड़वा के दिन चौराहों के सौंदर्यीकरण, सजावट, शोभायात्रा के आयोजन में सहभागिता करना चाहते हैं। वे अपने नाम स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष पाठक को दे सकते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
घर-घर में मनाना चाहिए जन्मदिन
बैठक में विधायक पारस जैन ने कहा कि गौरव दिवस का वातावरण समाज के लोग ही मिलकर बना सकते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग को अपने घरों में गुड़ी पड़वा के अवसर पर ध्वज लगाना चाहिए। सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों एवं घरों पर रोशनी करें, बिजली की सीरिज लगाएं।  गुड़ी पड़वा पर आयोजित होने वाली बाइक रैली में पुरूषों के साथ-साथ महिलाएं एवं बालिकाएं भी भाग लें, जिससे अच्छा वातावरण निर्मित होगा।  उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने कहा कि दीपोत्सव की सफलता के बाद उज्जैन का नाम भारत भर में चर्चा में आ गया है। इसी का परिणाम है कि शिवरात्रि के बाद से श्री भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हम अपने घर के व्यक्ति का जन्म दिवस मनाते हैं, उसी तरह हमें उज्जैन का जन्म दिवस घर-घर में मनाना चाहिए। गुड़ी पड़वा के दिन सभी लोग नीम व मिश्री के प्रसाद का वितरण करें, घर को सजाएं एवं उल्लास का वातावरण निर्मित करें।

हर समाज के लोग आए आगे
पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने गौरव दिवस के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने और शहर में होर्डिंग लगाने का सुझाव दिया। सरदार सुरेंद्रसिंह अरोरा ने कहा कि गौरव दिवस मनाने के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित कर उन्हें आयोजन की जिम्मेदारी सौंपना चाहिए। बैठक में गौरव दिवस के अवसर पर उज्जैन शहर के विभिन्न चौराहों के सौंदर्यीकरण एवं सजावट के लिए समाजों व संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी ली। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें