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MP News: एक पौआ शराब भी पी तो चुकानी होनी बड़ी कीमत, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के गांव डूडा में ऐसा क्या हुआ

Tue, 01 Oct 2024 03:14 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़

सार

रोजगार सहायक हरि सिंह लोधी ने कहा कि गांव में कई लोग शराब पीते थे, जिससे उनके परिवार तबाह हो गए, वे और पत्नियों के साथ मारपीट करते थे। ऐसे में शराबबंदी को लेकर पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें गांव में शराब पीने और बेचने पर पाबंदी लगा दी गई है।
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टीकमगढ़ जिले के गांव डूडा में शराबबंदी। - फोटो : अमर उजाला
टीकमगढ़ जिले के गांव डूडा में सर्व समाज की पंचायत ने शराब पीने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। डूडा मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का गांव है। उमा भारती खुद लंबे समय से शराबबंदी को लेकर मुहिम चला रही हैं।  

दरअसल, टीकमगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 29 किलोमीटर दूर उमा भारती का गांव डूडा है, जहां सर्व समाज की पंचायत ने गांव में शराब पीने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक हरि सिंह लोधी ने बताया कि गांव के मंदिर में पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें सभी समाज के लोग शामिल हुए थे। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर, कोई शराब पीकर गांव में घूमेगा तो उस पर 11,000 का जुर्माना और शराब बनाने व बेचने पर 21,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह फैसला सर्व समाज की पंचायत में रविवार को लिया गया था। 

रोजगार सहायक हरि सिंह लोधी ने कहा कि गांव में कई लोग शराब पीते थे, जिससे उनके परिवार तबाह हो गए, वे और पत्नियों के साथ मारपीट करते थे। ऐसे में शराबबंदी को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा शराबबंदी का प्रयास किया जा रहा है, जिसके चलते अब उनकी ग्राम पंचायत भी उनके पदचिह्नों पर चल रही है।
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पंचायत में शराब बंदी का फैसला। - फोटो : अमर उजाला
व्यक्ति पर लगाया गया 11,000 का जुर्माना
ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक ने बताया कि सोमवार को गांव का एक व्यक्ति शराब पीकर घूम रहा था। ऐसे में सोमवार को पुनः पंचायत बुलाई गई, जिसमें शराब पीकर घूम रहे व्यक्ति सेवालाल पर 11,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि शराब बेचने और पीने पर जुर्माने की जो राशि मिलेगी, उसे ग्राम पंचायत की सफाई अभियान और मंदिर के विकास में खर्च किया जाएगा। ग्राम पंचायत से लगे हुए उत्तर प्रदेश के गांव से अवैध शराब बिकने के लिए गांव में आती थी, जो अब पूर्णतः बंद हो चुकी है। इसके साथ ही परिजनों में भी खुशी है, महिलाएं प्रसन्न हैं कि उनके पतियों को शराब पीने को नहीं मिलेगी।
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