पहले इस साइकिल से करता था फूड डिलीवरी
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गरीब परिवार से है जय
थाना प्रभारी काजी ने बताया कि वे कुछ दिनों पहले गश्त पर थे। तभी उन्होंने साइकिल से एक फूड डिलीवरी बॉय को देखा। वह बहुत जल्दी में था। उसकी कहानी सुनकर काजी ने सोच लिया था कि उसकी ये परेशानी दूर करेंगे। थाने के स्टाफ की मदद से उन्होंने एक दिन की सैलेरी जुटाई। 32 हजार रुपये डाउन पेमेंट जमा कर डिलीवरी बॉय को नई बाइक दिला दी। टीआई ने बताया कि साइकिल से कई बार खाना देर से पहुंचाने के कारण उसे ग्राहकों से डांट भी सुननी पड़ती थी। घर में मां और छोटा भाई है। साइकिल से डिलीवरी करने पर दिन भर में 300-400 रुपये ही कमा पाता है। इससे घर का खर्च पूरा नहीं हो पाता।

पिता दो सालों से मजदूरी करने नासिक गए हैं। जय 10वीं तक पढ़ा है। एक दुर्घटना में हाथ टूटने के बाद स्कूल जाना बंद हो गया। आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण वह आगे नहीं पढ़ पाया। वह अभी छोटे भाई को पढ़ा रहा है। जो पांचवीं कक्षा में है। जय ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार में माता, पिता, भाई और मामा के साथ रहता है। कुछ समय पूर्व उसने बाइक खरीदने के लिए रिश्तेदारों, दोस्तों से रुपये उधार लेकर रुपये एकत्र लिए थे लेकिन एजेंट 20 हजार रुपये लेकर फरार हो गया। इसके बाद उसने बाइक खरीदने की हिम्मत नहीं की।