Swachh Survekshan Awards:बुधनी को पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में वेस्ट जोन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था, जिसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण मिश्रा और उनकी टीम को सम्मानित किया था। इस बार एक कदम और आगे बढ़ते हुए बुधनी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है।
मध्यप्रदेश ने एक बार फिर स्वच्छता के क्षेत्र में देश भर में अपनी विशेष पहचान बनाई है। गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के राष्ट्रीय समारोह में सीहोर जिले की दो नगर परिषदों बुधनी और शाहगंज को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया।
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बुधनी को मिला सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
सुपर स्वच्छ लीग में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बुधनी पांचवे नंबर पर रहा है। वहीं, स्वच्छ शहरों की कैटेगिरी में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में शाहगंज तीसरे नंबर पर रहा है। बुधनी में कबाड़ से जुगाड़ कर बनाया गया वेस्ट वंडर पार्क इस उपलब्धि का मुख्य केंद्र रहा, जिसने स्वच्छता को एक रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
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कचरा रीसाइक्लिंग
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि नगर परिषद द्वारा रोजाना चलाए जा रहे सफाई कार्य, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सोर्स सेग्रीगेशन, गीले कचरे से खाद निर्माण और सूखे कचरे की एमआरएफ सेंटर में सॉर्टिंग जैसी व्यवस्थाएं इस सफलता की कुंजी रहीं। नगर परिषद के पास कुल 40 कर्मचारियों की टीम है, जो दो शिफ्ट में नगर को स्वच्छ बनाए रखने में जुटी रहती है। नगर सीएमओ संतोष रघुवंशी ने बताया कि स्वच्छता टीम के साथ-साथ वार्ड पार्षद, अध्यक्ष और नागरिकों की सहभागिता से ही यह सफलता मिली है। वहीं स्वच्छता एंबेसडर अर्जुन मालवीय ने वार्डों का समय-समय पर निरीक्षण कर लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।
पिछले साल भी मिली थी राष्ट्रीय रैंकिंग
बुधनी को पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में वेस्ट जोन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था, जिसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण मिश्रा और उनकी टीम को सम्मानित किया था।
नगर सीएमओ रामानुज मिश्रा ने बताया कि शाहगंज पहले भी तीन बार स्वच्छता सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। 2020 में शाहगंज को देशभर में 21वीं रैंक मिली थी और यह प्रदेश की एकमात्र ऐसी नगर पंचायत थी जो टॉप-25 में स्थान पा सकी थी। शाहगंज की पहचान प्रदेश में सबसे पहले फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के संचालन से बनी थी। नगर परिषद में कंपोस्टिंग यूनिट, एमआरएफ सेंटर, आरआरआर सेंटर, सीएनडी सेंटर और एफएसटीपी सेंटर जैसी स्थायी सुविधाएं स्थापित हैं, जिससे कचरा प्रबंधन में अनुकरणीय कार्य हो रहा है।