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Sehore: शिवमहापुराण के अंतिम दिन पहुंचे लाखों लोग, मिश्रा ने कहा- सास-बहू में अनबन घर-घर की कहानी

Wed, 22 Feb 2023 09:52 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

शिवमहापुराण कहती है कि आप आस्था और विश्वास से शिव की आराधन करें, योगी बनने की आवश्यकता नहीं। बस लोगों के लिए उपयोगी बनने की आवश्यकता है। 
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सीहोर में शिवमहापुराण के अंतिम दिन लाखों लोग पहुंचे। - फोटो : सोशल मीडिया
शिवमहापुराण कहती है कि आप आस्था और विश्वास से शिव की आराधन करें, योगी बनने की आवश्यकता नहीं। बस लोगों के लिए उपयोगी बनने की आवश्यकता है। यह कोई साधारण सामान्य लोग नहीं हैं। यह वह लोग हैं जिन्हें शिव तत्व प्राप्त हुआ है। शिव की कृपा प्राप्त हुई है। उस कृपा के प्राप्त होने के कारण अब यह पूरी कथा यहां रुक कर भगवान शिव को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। अगर परिवार में सब्र हो तो घर स्वर्ग हो जाता है। 

उक्त बात जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर मंदिर में जारी सात दिवसीय शिव महापुराण के अंतिम दिवस भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे। मिश्रा ने वर्तमान में घर-घर में होने वाले कलह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि घर-घर की कहानी होती है कि सास से बहू परेशान है और बहू से सास परेशान है। इसमें न तो सास बुरी है ना बहू बुरी है। बस समय का चक्र बुरा है। इस समझाने से आशा यही है कि जो समय का बुरा चक्र है वह निकल जाए। जब शादी होकर बहू आती है तो सास बहू को बदलने की कोशिश करती है, धीरे-धीरे सब बदलता है। किसी का नेचर बदलने के लिए जल्दबाजी नहीं धैर्य की आवश्यकता है। 

 
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शिवमहापुराण के अंतिम दिन जिसे जहां मिली, वहीं से कथा श्रवण की। - फोटो : सोशल मीडिया

मिश्रा ने कहा कि व्यक्ति की सांस शिव कृपा से चल रही है वरना सांस निकल जाए तो शरीर शव बन जाएगा। महादेव भक्त के भाग्य को पलट देते हैं, जिसके भाग्य में जितना हो वह अवश्य पाता है। भगवान शिव, शिव तत्व से जुड़े रहोगे तो सोचने की जरूरत नहीं है कि आपका घर कौन चला रहा है, जब हम शिव की चरणों में है तो चिंता की जरूरत नहीं है। हम जो कर रहे हैं वो प्रभु इच्छा है इसलिए नाहक परेशान होने की जरूरत नहीं है, उसकी मर्जी है क्या देगा और क्या लेगा। शंकर भगवान को करोड़ो की संपत्ति चढ़ाओगे वो स्वीकार नहीं करेंगे पर एक बेलपत्र चढ़ाओगे वो स्वीकार कर लेंगे। एक बेलपत्र में सभी माताएं विराजमान हैं यही शिव तत्व की महत्ता है। 
 
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कथा सुनने पुरुष भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। - फोटो : सोशल मीडिया
मंच से किया बेटे के लिए 300 किलोमीटर पद यात्रा करने वाले पिता का सम्मान
शिव महापुराण के छौरान रतलाम जिले से अपने बेटे के स्वास्थ्य होने पर करीब 300 किलोमीटर चल कुबेरेश्वरधाम पर आए एक पिता का भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने सम्मान किया। 

आगामी दिनों में की जाएगी रुद्राक्ष वितरण की व्यवस्था
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि बुधवार को पूरी आस्था और उत्साह के साथ शिव महापुराण का समापन किया गया। इस मौके पर भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आगामी दिनों में रुद्राक्ष वितरण को लेकर व्यवस्था कर वितरण किया जाएगा। इसके लिए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग के उपरांत कुबेरेश्वरधाम पर आने वाले श्रद्धालुओं को वितरण किए जाएंगे।
 
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