30 सितंबर तक बंद रहेगी रोप वे की सुविधा।
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यहां गिरा था पार्वती जी का हार
मैहर देवी मंदिर की गिनती भले ही 52 शक्तिपीठों में ना की जाती हो, लेकिन इसका महत्व भारत, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में स्थिति अन्य शक्तिपीठों जैसी ही है। कहते हैं जब भगवान शिव सती का पार्थिव शरीर लेकर तांडव कर रहे थे तब पार्वती जी का हार यहीं गिर गया था। इसी कारण यहां का नाम मैहर पड़ा।
यह है मान्यता
मान्यता है की जब प्रातः काल मां शारदा के मंदिर के पट खोले जाते हैं, तब वहां अक्षत, पुष्प और ज्योति जैसे अलग-अलग प्रमाण मिलते रहते हैं। इन्हीं प्रमाणों से माना जाता है कि वीर आल्हा अदृश्य रूप में प्रातः आते हैं और मां शारदा का पूजन कर चले जाते हैं।