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Panna Tiger Reserve: पन्ना में मिले सात प्रजातियों के गिद्ध, हिमालयन वल्चर के साथ देखी गई दो अन्य प्रजाति

Sat, 22 Feb 2025 10:49 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना

सार

सर्दियों में हिमालयन वल्चर भी यहां प्रवास करते हैं और घोंसले बनाकर प्रजनन करते हैं, लेकिन मार्च में लौट जाते हैं। उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल में भी गिद्धों की दो अन्य प्रजातियां पाई गई हैं। डीएफओ गर्वित गंगवांग के अनुसार, पन्ना की प्राकृतिक स्थिति गिद्ध संरक्षण के लिए अनुकूल है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व बना गिद्धों का भी सुरक्षित आशियाना। - फोटो : अमर उजाला
पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों का ही नहीं गिद्धों का भी घर है। यहां के जंगल, पहाड़ आसमान में ऊंची उड़ान भरने वाले गिद्धों को भी खूब भाते हैं। 
 
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पन्ना टाइगर रिजर्व बना गिद्धों का भी सुरक्षित आशियाना। - फोटो : अमर उजाला
17, 18 और 19 फरवरी को हुई गिद्धों की गिनती के आंकड़े सामने आ गए हैं। 
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पन्ना टाइगर रिजर्व बना गिद्धों का भी सुरक्षित आशियाना। - फोटो : अमर उजाला
बीते गुरुवार दिनांक 20 फरवरी को उत्तर वन मंडल के डीएफओ गर्वित गंगवांग ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व सहित उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल में हुई गिद्धों की गणना में सात प्रकार की प्रजाति के गिद्ध पाए गए।

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पन्ना टाइगर रिजर्व बना गिद्धों का भी सुरक्षित आशियाना। - फोटो : अमर उजाला
इनमें चार प्रजाति के गिद्ध जिनमें किंग वल्चर, लॉन्ग बिल्ड वल्चर, व्हाइट बेक्ड वल्चर तथा इजिप्शियन वल्चर पन्ना टाइगर रिजर्व में अच्छी संख्या में मिलते हैं। 
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पन्ना टाइगर रिजर्व बना गिद्धों का भी सुरक्षित आशियाना। - फोटो : अमर उजाला
वहीं ठंड में प्रवासी हिमालयन वल्चर यहां रुकते हैं और घोसला बनाकर बच्चे भी देते हैं। 
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पन्ना टाइगर रिजर्व बना गिद्धों का भी सुरक्षित आशियाना। - फोटो : अमर उजाला
ठंड का मौसम समाप्त होने पर मार्च महीने में हिमालयन वल्चर चले जाते हैं। डीएफओ गंगवांग बताते हैं कि 2 अन्य प्रजाति के भी गिद्ध यहां पाए गए हैं।
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