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IIT: समाज और गांवों की समस्याओं पर काम करेंगे आईआईटी के छात्र, इसमें भी मिलेंगे रोजगार

Tue, 23 Jul 2024 05:31 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

आईआईटी इंदौर के नए पीजी व पीएचडी छात्रों का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इसमें बताया कि छात्रों को किस तरह से पढ़ाई के बाद समाज में काम करना चाहिए।
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छात्रों को संबोधित करते निदेशक प्रोफेसर सुहास एस. जोशी - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
आईआईटी इंदौर में नए पीजी और पीएचडी छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस प्रोग्राम में, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए आईआईटी इंदौर में विभिन्न प्रोग्राम के लगभग 431 छात्रों को एडमिशन ऑफर किया गया, जिनमें से पीएचडी के 149, एमएससी के 111, एमटेक के 138 तथा एमएस (रिसर्च) के 33 छात्र शामिल हैं। 
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कार्यक्रम के दौरान छात्र। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
कई नए कोर्स डिजाइन किए गए
इस अवसर पर, संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सुहास एस. जोशी ने प्रवेश लेने वाले सभी नए छात्रों को बधाई दी और आईआईटी इंदौर समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आईआईटी इंदौर में शिक्षा को सर्वांगीण बनाने के लिए कई नए प्रोग्राम डिजाइन किए जा रहे हैं तथा नए कोर्स तैयार किए जा रहे हैं तथा शिक्षण और अध्ययन के नए तरीके पेश किए जा रहे हैं। हम एनईपी (NEP) के तहत व्यावसायिक तथा सामाजिक जुड़ाव वाले कोर्स की एक श्रृंखला शुरू करने की प्रक्रिया में हैं। व्यावसायिक जुड़ाव वाले कोर्स की यह श्रृंखला छात्रों को विभिन्न आगामी तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी जो पारंपरिक विषयों के अलावा इन तकनीकों के बारे में विस्तारित जानकारी प्रदान करती हैं। वहीं, सामाजिक जुड़ाव वाले कोर्स की श्रृंखला यह सुनिश्चित करेगी कि हमारे छात्रों को समाज या ग्रामीण समस्याओं पर काम करने का अवसर मिले।

दुनिया की समस्याओं का समाधान तलाशने पर जोर दें
हम 15 एमटेक प्रोग्राम ऑफर कर रहे हैं, जिसमें से एम्स (AIIMS) भोपाल के सहयोग से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और आरआरकैट (RRCAT) के सहयोग से एप्लाइड ऑप्टिक्स एंड लेजर टेक्नोलॉजी शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक छात्र अद्वितीय है और उसे आगे ज्ञान में सुधार और वृद्धि के लिए स्वयं के साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। उन्हें परिसर के अनुकूल अध्ययन परिवेश का उपयोग करना चाहिए और ऐसी परियोजनाओं और शोध कार्यों को चुनना चाहिए जो अद्वितीय हों और देश एवं दुनिया की सामान्य जनता के सामने आने वाली समस्याओं का तकनीकी समाधान प्रदान करें। इसके अतिरिक्त, छात्रों को शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विकास, छात्र कार्य, इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन, अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच, छात्रावास तथा चिकित्सा सुविधाएं, पुस्तकालय तथा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के बारे में भी जानकारी दी गई।
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