सावन माह के पहले दिन गुरुवार शाम ओंकारेश्वर क्षेत्र में हुई झमाझम और भीषण बारिश ने नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शाम करीब 7:30 बजे से 8:00 बजे तक हुई तेज वर्षा के दौरान नगर का गंदा एवं प्रदूषित पानी नालियों के माध्यम से सीधे गोमुख घाट पर पहुंच गया। इसी घाट से होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा स्नान के बाद भगवान श्री ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए गुजरते रहे। बारिश के बीच श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर घाट से निकलते दिखाई दिए।
सावन के पहले दिन दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचे थे। तेज बारिश के कारण कुछ ही देर में नगर की नालियां उफान पर आ गईं और उनका गंदा पानी सीधे गोमुख घाट पर बहने लगा। यह दृश्य देखकर श्रद्धालुओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि गोमुख घाट आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां मां नर्मदा में स्नान कर स्वयं को धन्य मानते हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर नगर का प्रदूषित पानी पहुंचना न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
ये भी पढ़ें-
श्रावण में महाकाल के दर्शन करने जा रहे हैं तो इसे पढ़ लें, पट खुलने से आरती तक का समय बदला