यह रथयात्रा सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा की मिशाल, आरती के दौरान का चित्र।
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परंपरा और भव्यता की मिसाल
बैंड-बाजों, ढोल-ताशों और धर्मध्वजाओं के साथ निकली यह रथयात्रा सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा की जीवंत मिसाल बनी। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के उद्देश्य से आयोजित महामृत्युंजय शिव रथयात्रा का यह 18वां वर्ष रहा।
स्वर्गीय डॉ. मनस्वी जी एवं उनके सहयोगियों के सतत प्रयासों से यह आयोजन वर्षों में विशाल स्वरूप ले चुका है। घर-घर निमंत्रण देकर नगर, ग्रामीण अंचलों और अन्य प्रांतों से श्रद्धालुओं को जोड़ते हुए यात्रा को भव्य रूप दिया गया। इंदौर, भोपाल, धार, खरगोन, मंडलेश्वर, धामनोद और बड़वाह सहित दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए हजारों भक्तों ने रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।