धार जिले के तारापुर गांव निवासी आदित्यराज सिंह ठाकुर ने MPPSC सहायक प्रबंधक परीक्षा-2024 में प्रदेश में प्रथम रैंक हासिल की। चार वर्षों तक गांव में रहकर रोजाना पांच घंटे पढ़ाई की। पुलिस भर्ती के फिजिकल में असफलता और कई बार मामूली अंतर से चूकने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सफलता हासिल की।
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धार के आदित्य ने पूरे प्रदेश में पहली रैंक पाई है।
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा आयोजित सहायक प्रबंधक परीक्षा-2024 (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग) के परिणामों में धार जिले ने पूरे प्रदेश में रोशन किया है। धरमपुरी तहसील के छोटे से ग्राम तारापुर के होनहार युवा आदित्यराज सिंह ठाकुर ने इस परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल कर पूरे मध्य प्रदेश में अपने जिले और परिवार का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है।
गांव में रहकर की सेल्फ स्टडी
एक साधारण किसानी और संयुक्त परिवार से ताल्लुक रखने वाले आदित्यराज ने बिना किसी महानगर के बड़े कोचिंग संस्थान जाए, अपने गांव तारापुर में ही रहकर पूरी तैयारी की। वे पिछले 4 से 5 वर्षों से लगातार एमपीपीएससी की तैयारी में जुटे थे और रोजाना करीब पांच घंटे की नियमित पढ़ाई करते थे। उनका साक्षात्कार 9 जुलाई 2026 को हुआ था, और 19 अगस्त को परिणाम आते ही पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। बुधवार को घर पर मित्रों, परिजनों और ग्रामवासियों ने पहुंचकर उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और मुंह मीठा करवाकर बधाई दी।
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आदित्य की सफलता का जश्न मनाता परिवार
- फोटो : अमर उजाला
फिजिकल में हुई असफलता, पर नहीं मानी हार
आदित्यराज का यह सफर कतई आसान नहीं रहा है। इससे पहले वे कई बार मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के चरण तक पहुंचे, लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट में 1 से 2 अंकों से चूक जाते थे। यहां तक कि पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान वे फिजिकल टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) में भी बाहर हो गए थे। इन तमाम असफलताओं और निराशाओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को दूर करते हुए अपने लक्ष्य पर अडिग रहे।
अधिकारियों को देखकर मिली प्रेरणा
आदित्यराज ने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़े पापा, चाचा, संयुक्त परिवार के सदस्यों और अपने चार खास दोस्तों को दिया है। उनके पिता ग्राम पंचायत में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आदित्यराज का कहना है कि कृषि पृष्ठभूमि से होने के कारण उन्होंने अधिकारियों के कार्यों को नजदीक से देखा और वहीं से समाज सेवा व सरकारी नौकरी में जाकर परिवार का मान बढ़ाने की प्रेरणा ली। उनका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र की विसंगतियों को दूर कर बेहतर कार्य करना है। इस बड़ी उपलब्धि पर तारापुर गांव में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और यह सफलता प्रदेश के उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है जो सीमित संसाधनों में ग्रामीण परिवेश से रहकर बड़े सपने देखते हैं।