भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने नौ अप्रैल को विंध्य जनता पार्टी बनाने का एलान किया। 12 अप्रैल को उनका वाहन दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया। फिर 13 अप्रैल को पता चला कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी अब मैहर में कथा नहीं करेंगे। पार्टी बनाने की घोषणा भर के बाद से ही त्रिपाठी अलग-थलग पड़ने लगे हैं। अब तक न तो पार्टी ने उन्हें निकाला है और न ही उन्होंने पार्टी छोड़ने की घोषणा की है। अब उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने महाराज श्री को गलत जानकारी दी और भड़काकर कथा स्थगित करा दी।
नारायण त्रिपाठी ने रविवार को विंध्य प्रीमियर लीग सीजन-2 क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में माइक क्या थामा, विंध्य की सियासत में गरमाहट आ गई। उन्होंने ऐलान किया कि विंध्य प्रदेश के लिए अभियान तेज करना होगा। इसके लिए विंध्य जनता पार्टी बनाई जाएगी। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन से सात मई तक मैहर में कथा आयोजित होगी। उसके बाद 15 मई तक पार्टी की रूपरेखा को अंतिम रूप देकर उसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। खैर, त्रिपाठी की इस घोषणा के बाद भी भाजपा के नेताओं ने उस पर ध्यान नहीं दिया। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सतना पहुंचे तो कह दिया कि नारायण क्या करते हैं क्या कहते हैं, यह तो वह ही जाने। विंध्य के एक और बड़े भाजपा नेता एवं विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम भी त्रिपाठी की मांग को नजरअंदाज कर चुके हैं।