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MP बोर्ड रिजल्ट: सुचिता ने 14 घंटे पढ़ाई कर किया टॉप, किसान की बेटी नैंसी ने 6 किमी साइकिल चलाकर पाई सफलता

Fri, 29 Apr 2022 04:28 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP बोर्ड रिजल्ट: सुचित ने 14 घंटे पढ़ाई कर किया टॉप, किसान की बेटी नैंसी ने 6 किमी साइकिल चलाकर पाई सफलता
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कक्षा 10वीं की टॉपर सुचिता और नैंसी। - फोटो : अमर उजाला
माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने शुक्रवार को एमपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर के विवेक नगर निवासी सत्यनारायण पाण्डेय की बेटी सुचिता पाण्डेय ने पूरे प्रदेश में हाई स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया है। सुचिता पांडेय ने 500 में से 496 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में टॉप किया है। सुचिता के पिता सतनारायण मैहर के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल इटमा में अतिथि शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, सुचिता दो बहनों में सबसे छोटी हैं। सुचिता के परीक्षा में टॉप करने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल के आस-पास के लोग भी उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देने आ रहे हैं।
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परिवार के साथ सुचिता पाण्डेय। - फोटो : अमर उजाला
सुचिता पाण्डेय ने अपनी सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने 496 नबंर हासिल करते हुए 99.2 प्रतिशत प्राप्त किए हैं। सुचिता ब्लू बेल्स हायर सेंकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। उनके पिता अतिथि शिक्षक हैं वहीं, मम्मी भी निजी स्कूल में टीचर हैं। सुचिता ने 10वीं की परीक्षा में अच्छे नबंर आने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार और अपने शिक्षकों को आभार व्यक्त किया। सुचिता ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान भी माध्यमिक शिक्षा मंडल ने काफी अच्छी व्यवस्थाओं के साथ हमारी परीक्षाएं समय पर कराई। उन्होंने अपने टीचर्स को धन्यवाद देते हुए कहा कि मेरे सभी टीचर्स बहुत ज्यादा सपोर्टिव थे, जब भी परीक्षा को लेकर डर लगा उन्होंने मोटिवेट किया। उन्होंने अपने टीचर्स और पैरेंट्स का आभार व्यक्त किया।
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सुचिता को मिठाई खिलाते पिता। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, सुचिता के पिता सत्यनारायण पाण्डेय ने बेटी के टॉप करने पर कहा कि बेटी की रिजल्ट देख कर वह बहुत खुश हैं। मां शारदा का आशीर्वाद है। उसके स्कूल टीचर्स ने भी काफी अच्छे से पढ़ाया साथ ही बेटी ने भी मेहनत की। उन्होंने बताया कि सुचिता रोजाना करीब 14 घंटे पढ़ाई किया करती थीं।

वहीं, सुचिता की मम्मी रुकमणि पाण्डेय ने बेटी की सफलता का श्रेय स्कूल को देते हुए कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल सर ने कोरोना काल और ठंड के दिनों में सारी क्लासेस लगवाई ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि सुचिता का सपना कलेक्टर बनने का है।

वहीं, छतरपुर जिले के नजदीक नारायणपुरा गांव में रहने वाली किसान की बेटी नैन्सी दुबे ने एमपी बोर्ड दसवीं में 496 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मैरिट में पहला स्थान पाया है। नैंसी स्कूल जाने के लिए हर रोज छह किलोमीटर साइकिल चलाया करती हैं। अपनी बड़ी बहन व शिक्षकों की प्रेरणा से उन्होंने स्टेट मैरिट में पहला स्थान हासिल किया। नैंसी भविष्य में डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं देना चाहती हैं। एक साधारण किसान की बेटी ने बड़ी बहनों से मिली प्रेरणा और शिक्षकों के मार्गदर्शन के सहारे खुद की मेहनत से मुकाम हासिल किया है। 
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