मुक्तिधाम जाते हुए लोग
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वहीं, दूसरी तस्वीर जिले के ही शामगढ़ तहसील के सागोरिया गांव की है। यहां जब एक नाला लोगों के खेतों की राह में मुश्किल बना और सरकार ने मदद नहीं की तो अपने निजी खर्च से लोगों ने लकड़ी से जुगाड़ का पुल बना लिया। अब ग्रामीण इसी जुगाड़ के पुल पर चलकर सगोरिया और चांदखेड़ी गांव तक का सफर तय कर रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या यह सही है? तस्वीरो में देखा जा सकता है, जुगाड़ के पुल के नीचे नाला बह रहा है और नाले में पानी का उफान है। ऐसे में कभी भी किसी बड़े हादसे का शिकार यहां लोग हो सकते हें। बताया जा रहा है, ग्रामीणों ने कई बार नाले पर पुल बनाने की मांग नेताओं और अधिकारियों से की। स्वयं सासंद विधायक भी इस पुल से गुजर चुके हैं। बावजूद किसी ने नहीं सुनी। ऐसे में ग्रामीण जुगाड़ का यह पुल बनाकर जान पर जोखिम ले रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके अलावा अगर सड़क मार्ग का सहारा लेते हैं तो 15-20 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।