पवित्र पर्यटन नगरी महेश्वर में 18 जून को 20 वर्षीय आकाश केवट की आत्महत्या ने पूरे नगर में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना से स्तब्ध नागरिकों में स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश पनप रहा है। सभी निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रविवार को केवट समाज का गुस्सा जय स्तंभ चौराहे पर फूट पड़ा, जहां सैकड़ों की संख्या में समाज के महिला पुरुष ने चक्काजाम कर दिया और नारेबाजी करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष अलका यादव के पति गजराज यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया।
'न्याय' की तख्तियां लिए सैकड़ों की भीड़
रविवार दोपहर करीब दो बजे महेश्वर के जय स्तंभ चौराहे पर पहुंची, जहां केवट समाज के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में जमा हो गए और दोपहर 1:50 बजे से 3:05 बजे तक चक्काजाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष हाथों में 'न्याय' की तख्तियां लिए धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष अलका यादव के पति गजराज यादव का पुतला भी जलाया। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने एसडीओपी मनोहर गवली, तहसीलदार राकेश सस्त्या, कसरावद थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन, और महेश्वर थाना प्रभारी जगदीश गोयल, बलकवाड़ा थाना प्रभारी रितेश यादव सहित पुलिस बल भी मौजूद रहा। प्रदर्शनकारियों को एसडीएम अनिल जैन और एसडीओपी मनोहर सिंह गवली से मिले आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ, लेकिन मृतक आकाश केवट के पिता पीड़ित राजेश केवट पुलिस प्रशासन की कार्यवाही से असंतुष्ट हैं।
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