महिला की उम्र 24 साल थी और वो सतना की ही रहने वाली थी। विभा केवत, डॉक्टर आशुतोष त्रिपाठी के साथ ही काम करती थी। शनिवार को पुलिस ने खाली प्लॉट से महिला का शव बरामद किया। एसपी ने बताया कि महिला डॉक्टर के क्लीनिक पर ही काम करती थी, 14 दिसंबर 2020 को वो क्लीनिक से अपने घर वापस नहीं लौटी।
धर्मवीर सिंह यादव ने आगे बताया कि जब विभा के माता-पिता ने डॉक्टर त्रिपाठी से पूछा तो उसने कहा कि विभा अपने परिवार जनों से नाराज थी, इसलिए अकेले रहने लगी थी। इसके बाद विभा के माता-पिता ने कई बार उससे संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद एक फरवरी को उन्होंने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में पूछताछ करनी शुरू की लेकिन शुरुआत में डॉक्टर त्रिपाठी ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। पुलिस ने जांच में पाया कि विभा और डॉ. त्रिपाठी की मोबाइल लोकेशन 14 दिसंबर को एक ही जगह पर लंबे समय तक थी।
इसके बाद पुलिस ने डॉ. त्रिपाठी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। बाद में डॉक्टर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि हम दोनों एक रिश्ते में थे, विभा शादी का प्रेशर डाल रही थी और मैं शादी नहीं करना चाहता था। 14 दिसंबर को हमारे बीच किसी मुद्दे पर लड़ाई हुई और मैंने उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद उसके शव को दफनाने के लिए, मैंने मजदूरों से मृत कुत्ते के शव को दफनाने के लिए एक गड्ढा करने को कहा। इसके बाद पहले मैंने महिला को दफनाया और बाद में एक मृत कुत्ते को दफनाया।