जिलाध्यक्ष मुन्ना भार्गव
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50 प्रतिशत से ज्यादा चूना भट्टा बंद
व्यापारी बताते हैं कि पहले चूना उद्योग मुड़वारा में ही संचालित होते थे, लेकिन कटनी के जिला घोषित होते ही हम व्यापारियों ने जनहित में शहर से बाहर झुकेही, कैमोर समेत रिहायशी इलाकों से कोसों दूर होकर कारोबार संचालित करने लगे। व्यापार की बदहाली पर चूना उत्पादन संघ के जिलाध्यक्ष मुन्ना भार्गव ने कहा कि कटनी में संचालित करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा चूना भट्टा बंद हो गए हैं। अब अब करीब 100 बचे हैं, साल में सिर्फ दिवाली के वक्त 70 प्रतिशत व्यापारी हिम्मत करके कारोबार करते थे, लेकिन नीलामी में खरीदा कोयला, भाड़ा, काम करने वाली लेवर से लेकर चूना भेजने का कॉस्ट(ट्रांसपोर्टेशन) पहले से कई गुना महंगी हो गई है।
रोजगार पर दिख रहा असर
चूना उद्योग के बंद होने से न सिर्फ सरकार के खजाने में असर पड़ रहा है, बल्कि इसका असर स्थानीय रोजगार में भी दिख रहा है। क्योंकि, यहां के स्थानीय श्रमिक लोकल में काम नहीं मिलने पर दूसरे जिले और राज्यों में काम तलाशने जाने लगे हैं। चूंकि, 80 प्रतिशत चूना उद्योग विजयराघवगढ़ विधानसभा में संचालित होता है, इसलिए अमर उजाला की टीम ने विधायक संजय पाठक से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने कोयला से जुड़ी समस्या मुझे बताई है, जिसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष रखते हुए उसका निराकरण करने की कोशिश करूंगा।