महेश्वर में निकली जगन्नाथ यात्रा
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नगरभर में पुष्पवर्षा, आरती और स्वागत मंच
रथयात्रा का नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों ने भव्य स्वागत किया। संत रविदास समाज, बीसा नीमा समाज, नर्मदे हर ग्रुप, राम मंदिर समिति, व्यापारी संघ सहित अनेक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर भगवान की आरती उतारी। समाजसेवी आशीष केवट, राम सेन, मनोज पाटीदार, बलाई महासंघ अध्यक्ष मनोज परमार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने भगवान के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
कथक और आदिवासी लोकनृत्य ने बांधा समां
रथयात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य भगवान के रथ के आगे प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। कथकाचार्य श्यामरंजन सेनगुप्ता एवं उनकी 'नृत्यांजलि' टीम ने भगवान जगन्नाथ को समर्पित भावपूर्ण कथक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं आदिवासी युवक-युवतियों ने पारंपरिक लोकनृत्य और ढोल-थाल की गूंज के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत का मनोहारी प्रदर्शन किया। यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साह और लोकधुनों की लय पूरे मार्ग में आकर्षण का केंद्र बनी रही।
नगर की प्रमुख सड़कों से निकली भव्य यात्रा
करीब छह घंटे तक चली रथयात्रा पेशवा मार्ग, बाजार चौक, धान मंडी, सहस्त्रधारा रोड, धामनोद रोड, भवानी माता चौक, जयस्तंभ चौराहा और मगा मार्ग से होते हुए पुनः श्री जगन्नाथ मंदिर पहुँची। पूरे मार्ग पर घरों की छतों, बालकनियों और दुकानों के सामने श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान के दर्शन के लिए उमड़ी रही। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई परिवार अपने छोटे बच्चों को भगवान के रथ के दर्शन कराने विशेष रूप से मार्ग पर खड़े दिखाई दिए।
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