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Jabalpur: निर्माणाधीन मस्जिद तोड़ने पहुंचे हिंदूवादी संगठन, दिया अल्टीमेटम, जमकर किया हंगामा

Fri, 27 Sep 2024 08:28 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने बताया कि मस्जिद गायत्री मंदिर की जमीन पर बनाई जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर विवादित स्थल पर बनी मस्जिद को नहीं हटाया गया तो 3 हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी मस्जिद को तोड़ दिया जाएगा। 
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आरोप है कि गायत्री मंदिर के नाम पर रजिस्टर्ड जमीन पर अवैध कब्जा किया गया। - फोटो : सोशल मीडिया
विवादित स्थल पर बनी एक मस्जिद को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रोकने के लिए पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग लगाकर रखी थी। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन मस्जिद को लेकर पुलिस और हिंदूवादी संगठनों के बीच झूमाझटकी भी हुई है। 

जानकारी के मुताबिक गुरुवार को व्हीकल फैक्ट्री के पास स्थित मड़ई क्षेत्र पर निर्माणाधीन मस्जिद को लेकर हिन्दूवादी संगठनों ने हंगामा किया। उन्होंने जिला प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर विवादित स्थल पर बनी मस्जिद को नहीं हटाया गया तो मस्जिद को तोड़ दिया जाएगा। संगठन के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है। एसडीएम ने जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।

गायत्री मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने बताया कि मस्जिद गायत्री मंदिर की जमीन पर बनाई जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर विवादित स्थल पर बनी मस्जिद को नहीं हटाया गया तो 3 हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी मस्जिद को तोड़ दिया जाएगा। इस दौरान वीएचपी नेता ने कहा कि काशी विश्वनाथ, अयोध्या और मथुरा में अवैध कब्जे जैसी पुनरावृत्ति मड़ई में भी की गई। अपनी जमीन को छोड़कर गायत्री मंदिर के नाम पर रजिस्टर्ड जमीन पर अवैध कब्जा किया गया। इलाके में रोहिंग्या मुसलमानों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इनका आधार कार्ड लोकल का नहीं निकलता। इसकी वजह से अपराध भी बढ़ रहे हैं। व्हीकल फैक्ट्री के बिजली-पानी का इस्तेमाल बगैर परमिशन किया जा रहा है। हम अवैध कब्जा तोडऩे आए थे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
 
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निर्माणाधीन मस्जिद को तोड़ने की मांग पर प्रदर्शन करते हिंदू संगठन से जुड़े लोग। - फोटो : सोशल मीडिया
छिपकर आ रहे लोग
मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि इससे पहले 12 जून 2021 को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया गया था। इस दौरान दस्तावेज और खसरा सौंपे गए थे। बताया गया था कि मस्जिद अवैध रूप से बन रही है। प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो 27 जुलाई 2021 को प्रदर्शन हुआ। इसके कुछ दिन बाद तत्कालीन एसडीएम ऋषभ जैन ने मस्जिद निर्माण पर स्टे लगा दिया। तब से काम बंद है। वीएचपी ने मस्जिद गिराने के लिए तीसरी बार गत 21 मार्च 2023 को रांझी एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि भले ही मस्जिद के निर्माण पर रोक लगा दी गई है, लेकिन लोग छिपकर बाहर से यहां आते हैं और ठहरकर चले जाते हैं। कुछ दिन पहले यहां पर रोहिंग्या की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी
मामले को लेकर एएसपी प्रदीप शेनडे ने बताया कि रांझी के मड़ई गांव में एक मस्जिद को लेकर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि मस्जिद विवादित जमीन पर बनी हुई है। संगठन के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है। एसडीएम ने जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
 
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