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Jabalpur Memory: अटल जी का जबलपुर से रहा गहरा नाता, तस्वीरों में देखिए बाल सखा, जनसभाएं और ऐतिहासिक जुड़ाव

Wed, 25 Dec 2024 07:59 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

'केन-बेतवा नदी जोड़ो प्रोजेक्ट' शिलान्यास के मौके पर पूरे प्रदेश में एक बार फिर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की यादें ताजा हो गईं हैं। उनका जबलपुर से गहरा संबंध था। जनसंघ के जमाने से उनके बाल सखा भगवती धर बाजपेयी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के ससुराल बैनर्जी परिवार से उनकी घनिष्ठता रही।
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केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट। - फोटो : अमर उजाला
जनसंघ के समय से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जबलपुर से गहरा नाता था। ग्वालियर लोकसभा सीट से साल 1984 में मिली पराजय के बाद उनके जबलपुर लोकसभा सीट चुनाव लड़ने की अटकलें भी लगाई जाने लगी थीं। जनसंघ और भाजपा के संस्थापक सदस्य पत्रकार भगवती धर वाजपेयी उनके बाल सखा थे। इसके अलावा भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा की ससुराल बैनर्जी परिवार से भी उनके निकट संबंध थे।
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1985 में सुपर मार्केट की सभा की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
हैरान करने वाली होती थी भीड़
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की चुनावी सभा में अपार भीड़ देखी जाती थी। उस समय भीड़ का अधिकृत आंकड़ा होता नहीं था परंतु एक किलोमीटर तक लोगों का जमावड़ा लगा रहा था। 
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1996 में जबलपुर आगमन पर पत्रकारों के साथ अटल जी का चित्र। - फोटो : अमर उजाला
सुपर मार्केट में आमसभा 
स्वर्गीय भगवती धर वाजपेयी के पुत्र रविन्द्र बाजपेई बताते हैं कि साल 1975 में हुए आम चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आमसभा का आयोजन सुपर मार्केट में किया गया था। भीड़ का आलम ऐसा था कि दोनों तक सभी जनमानस ही दिखाई दे रहे थे। ऐसी भीड़ देखकर सभी हैरान रह गए थे।

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जबलपुर हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री अटल जी का स्वागत करते हुए पंडित भगवती धर वाजपेयी (1998) - फोटो : अमर उजाला
मुलाकात के लिए निकालते थे वक्त
ऐसा कोई अवसर नहीं रहा, जब पूर्व प्रधानमंत्री का जबलपुर आगमन हुआ और उन्होंने अपने बाल सखा से मुलाकात न की हो। कई अवसर पर वह घर आ जाते थे या फिर एयरपोर्ट में मिलने के लिए बुलाते थे। साल 1989 में हुए आमसभा चुनाव के दौरान उनकी आमसभा सुबह 9 बजे कलेक्ट्रेड चौक पर आयोजित थी। उनका भाषण सुनने के लिए लोग इतने बेताब थे कि सुबह साढ़े आठ बजे ही पूरा मैदान भर गया था। 


जबलपुर के वरिष्ट पत्रकार रवीन्द्र वाजपेयी के साथ सर्किट हाउस में चर्चा (1989)

 
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जबलपुर में स्व. भगवती धर वाजपेयी के परिवार के साथ - फोटो : अमर उजाला
अंतिम बार साल 1999 में जबलपुर आए
उनका अंतिम बार साल 1999 में जबलपुर आगमन हुआ था। वह भाजपा प्रत्याशी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की सास जयश्री बैनर्जी के पक्ष में आमसभा को संबोधित करने आए थे। इस दौरान विधायक ओंकार प्रसाद तिवारी का निधन हो गया था। वह प्रोटोकॉल को तोड़कर श्रद्धांजलि अर्पित करने उनके निवास स्थल मिलौनीगंज गए थे।
 
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जबलपुर में अपने पारिवारिक मित्र स्व. भागवती धर वाजपेयी और उनकी पत्नी उर्मिला वाजपेयी के निवास पर ( 1 - फोटो : अमर उजाला
बैनर्जी परिवार से निष्ठ संबंध
इसके अलावा उनके भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा के ससुराल बैनर्जी परिवार से निष्ठ संबंध थे। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के ससुर सुभाष चंद्र बैनर्जी उनके जनसंघ के जमाने से गहरे मित्र थे। उनकी पत्नी जयश्री बैनर्जी दो बार भाजपा से विधायक तथा प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। इसके अलावा एक बार सांसद भी निर्वाचित हुई हैं। 
 
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जबलपुर में अपने परिवारजनों के साथ अटल जी। - फोटो : अमर उजाला
जबलपुर को जनसंघ का गढ़
जबलपुर को जनसंघ का गढ़ माना जाता था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को साल 1984 में ग्वालियर लोकसभा सीट से पराजय का सामना करना पड़ा था। उसके बाद उनके जबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें प्रारंभ हो गई थीं। स्थानीय जनसंघ के नेताओं ने इसके लिए प्रयास भी किए परंतु अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ का रुख किया था।
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