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Indore News: लेबर वर्क करने वाले युवाओं ने बैंक और सरकार की योजनाओं को समझकर बनाईं खुद की कंपनियां

Sun, 05 Feb 2023 07:35 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: लेबर वर्क करने वाले युवाओं ने बैंक और सरकार की योजनाओं को समझकर बनाईं खुद की कंपनियां
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अमरदीप मालवीया - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
देश में स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल बन रहा है और बैंक और सरकार विभिन्न योजनाएं ला रही है। लेबर वर्क करने वाले युवा भी इन योजनाओं का लाभ लेकर खुद की कंपनियां स्थापित कर चुके हैं। देशभर में ऐसे अनेकों उदाहरण इन दिनों देखने को मिलते हैं। आइए पढ़ते हैं इंदौर की ऐसी ही कुछ कहानियां...

10वीं तक पढ़े, कंपनी का टर्नओवर 26 लाख रुपए
अमरदीप मालवीया उम्र 21 वर्ष है। वे बताते हैं कि मैंने 2018 में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी। उसके बाद मैंने इंदौर टूल्स प्रा.लि. में नौकरी की। इसी बीच मुझे स्वयं के व्यवसाय को चालू करने की इच्छा हुई। इसके बाद मैंने लेथ मशीन के जॉब वर्क के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहारा लिया। इसके तहत 15,22,000 का ऋण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा स्वीकृत हुआ। इससे मैं बहुत अच्छी तरह रोजगार स्थापित कर सका। अमरदीप ने बताया मैंने गणेशधाम सांवेर रोड इंदौर में मशीनिंग लेथ वर्क कार्य की इकाई स्थापित की है। इसका वार्षिक टर्नओवर लगभग 26 लाख रुपए है। 
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आबिद अली - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
लेबर जॉब में थे, आज खुद का कारोबार कर रहे आबिद
इंदौर के रहने वाले आबिद अली (42 वर्ष) कारपेंटर का लेबर जॉब करते थे। आबिद की शुरू से ही स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा थी। जिसके लिए मशीनरी व कच्चे सामान के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। उनकी यह इच्छा और तलाश जिला उद्योग केंद्र में जाकर खत्म हुई। यहां के अधिकारियों ने उनका मार्गदर्शन किया और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की जानकारी दी। आबिद ने पी. एम. ई. जी. पी. योजना में ऋण के लिए आवेदन किया। जिसके अंतर्गत बैंक ऑफ इंडिया की कलेक्ट्रेट शाखा इंदौर द्वारा इन्हें तीन लाख का लोन स्वीकृत किया गया। जिससे इन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिली। वर्तमान में इनका व्यवसाय अच्छा चल रहा है।

फार्मेसी की डिग्री लेकर शुरू किया बेकरी का व्यवसाय
संगम नगर इंदौर की चौबीस वर्षीय आयुषी पाल ने बताया कि मेरी बचपन से कुछ अलग करने की जिज्ञासा रही है। मेरी शिक्षा के साथ-साथ नई चीजों को सीखने, समझने और उत्सकता से काम करने की प्रवृत्ति बचपन से रही है। वर्ष 2016 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत मैंने बी. फार्मा का कोर्स किया। साथ में होम बेकरी का काम शुरू किया क्योंकि मैं शुरू से स्वयं का रोजगार करना चाहती थी और बेकरी में रुचि थी। इसी बीच मैंने पहले इस इकाई को स्थापित करने के लिए अपने पिताजी से चर्चा की। उनका दवा का व्यापार है। मेरे अंकल द्वारा बताई योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर मैंने एमपीईजीपी योजना में आवेदन किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा वाय.एन. रोड द्वारा मुझे 10.22 लाख का ऋण प्रदान किया गया और इस प्रकार मैंने अपना बेकरी प्रोडक्ट मैन्युफेक्चरिंग स्थापित किया। वर्तमान में मेरा उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है। मेरे उद्योग का वार्षिक टर्नओवर लगभग 20 लाख रुपए है। 
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