फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ram Mandir: बाजारों में श्रीराम से जुड़ी सामग्री की मांग में तेजी, झंडे-फोटो-साहित्य लेने वालों की संख्या बढ़ी

Mon, 08 Jan 2024 09:51 AM IST
दिनेश शर्मा कमलेश सेन, इंदौर

सार

 इंदौर में प्रभु श्रीराम से जुड़ी सामग्री की मांग में अचानक तेजी हुई है। दुकानदारों ने राम से जुड़ी सामग्री को फ्रंट में रखना शुरू कर दिया है।  
विज्ञापन
1 of 3
इंदौर की दुकानों पर श्रीराम से जुड़ी सामग्री की मांग बढ़ गई है। - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, देश-प्रदेश राममय होते जा रहे हैं। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बाजारों में भी रामभक्ति का असर देखा जाने लगा है। इंदौर में प्रभु श्रीराम से जुड़ी सामग्री की मांग में अचानक तेजी हुई है। दुकानदारों ने राम से जुड़ी सामग्री को फ्रंट में रखना शुरू कर दिया है।  

22 जनवरी 2024 दिन सोमवार देश के इतिहास में एक गौरवशाली दिवस के रूप में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा और इस दिन की गाथा सालों तक सुनाई जाती रहेगी। राम मंदिर आंदोलन का एक लंबा इतिहास रहा है जो सपना अब साकार होने जा रहा है। गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस से प्रायः सभी वाकिफ हैं। जनवरी 1987 में दूरदर्शन पर 78 एपिसोड में रामानंद सागर द्वारा निर्मित रामायण सीरियल ने देश को राममय बना दिया था। रविवार के दिन दिनचर्या ठहर जाती थी। रामायण सीरियल के कारण रेल रुक जाया करती थी, यह था राम के प्रति स्नेह, श्रद्धा और भाव का परिणाम।  देश में राममंदिर आंदोलन ने एक बार फिर रामभक्ति की अलख जगाई। 



 
विज्ञापन

2 of 3
श्रीराम की तस्वीर लेने वालों की संख्या बढ़ी है। - फोटो : अमर उजाला
झंडे की मांग में तेजी, तस्वीरों की मांग भी बढ़ी
आज राममंदिर निर्मित होकर प्रभु की मूर्ति प्रतिष्ठित होने का वक्त करीब आ गया है। संपूर्ण देश में रामलहर चल रही है और सब 22 जनवरी के इंतजार में हैं। देश-प्रदेश में इस दिन का इंतजार है। इंदौर में भी इस दिन को भव्य स्वरूप के साथ मनाए जाने की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। चूंकि अब वक्त बाजार का है तो स्वावाभिक है रामजी से जुडी सामग्री की बाजार में मांग में वृद्धि होगी। रामजी के झंडे, साहित्य, पूजन सामग्री, तस्वीरें, सुबह प्रभातफेरी और रामकथा आयोजन की भव्य तैयारी होने जा रही है। इंदौर में कृष्णपुरा में धार्मिक ध्वज पताकाओं का बाजार है यहां के व्यापारियों का कहना है कि सामान्यतः रामजी अंकित ध्वज बिकते हैं, परंतु अभी कुछ मांग अधिक हो गई है और लगातार मांग बढ़ती जा रही है।  

राम साहित्य की पूछपरख बढ़ी
नगर की पुराणी धार्मिक साहित्य दुकान सरदार सोहनसिंह की दुकान पर रामायण, राम रक्षास्रोत, मनका रामायण 108, राम चालीसा आदि की मांग में एकाएक बहुत वृद्धि हो गई है। साथ ही हनुमान चालीसा की मांग ज्यादा ही है। गीताप्रेस गोरखपुर के आउटलेट पर भी रामजी से जुड़े साहित्य की मांग ज्यादा है।  गीताभवन में दुकानों पर भी रामजी से जुड़े साहित्य की मांग अधिक है। रामजी के चित्र, फोटो फ्रेम, अयोध्या में राममंदिर के चित्रों की बाजार में मांग है। खजूरी बाजार में सांवरिया फोटो फ्रेमिंग के मिट्ठूलाल प्रजापति, परदेशीपुरा में वासुदेव फोटो फ्रेमिंग के विजय पाटिल ने बताया कि वर्तमान में रामजी से जुड़े चित्र जैसे रामदरबार, अयोध्या में राममंदिर के चित्र, छोटे से बड़े चित्रों की मांग अधिक हो गई है। वैसे रामनवमी पर इन चित्रों की मांग होती है, पर इस बार जनवरी में मांग में एकाएक बढ़ोतरी हो गई है। उदाहरण के लिए पहले महीने में पांच तस्वीर बिकती थी, अब इनकी संख्या बढ़कर 20 हो गई है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
दुकानों पर सामने सजने लगी सामग्री - फोटो : अमर उजाला
दुकानों में सामने सज रही राम से जुड़ी सामग्री
नगर ,गांव और मोहल्लों में सुबह रामनाम कीर्तन की प्रभात फेरी  निकाली जा रही है। सुबह ठंड में भी रामभक्त घंटाल, शंख और मंजीरों के साथ गली-गली में रामनाम की अलख जगा रहे हैं। दुकानदारों ने भी रामजी से जुड़ी सामग्री को दुकान में प्रथम भाग में ही सजा कर रख दिया है ताकि ग्राहकों को देखने और पसंद करने में सहूलियत हो। जाहिर है अयोध्या में राममंदिर के साथ रामजी से जुड़ी सामग्री की मांग भी भक्तों में बढ़ गई है। मंदिरों पर भी रामकथा के भव्य आयोजन की तैयारियां हो रही हैं। कथा का आयोजन इस तरह किया जा रहा है कि अयोध्या में मंदिर पूजन के वक्त रामकथा का आयोजन जारी रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें