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पिछले तीन चुनावों से मिलते हैं यह संकेत
पिछले तीन चुनावों की बात करें तो जिस दल ने मालवा-निमाड़ की आदिवासी सीटों पर कब्जा जमाया, उसकी ही सूबे में सरकार बनी है। 2008 में भाजपा ने प्रदेश में आरक्षित 47 में से 29 और 2013 में 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2018 में भाजपा को इनमें से 16 स्थानों पर ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस ने 30 स्थानों पर सफलता प्राप्त की और इस तरह प्रदेश में सत्ता में लौटी। कमलनाथ प्रदेश के मुखिया बने थे। हालांकि, बाद में कुछ विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थन करते हुए पार्टी छोड़ी और कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई। कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था।