धार मे कांग्रेस का प्रदर्शन
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धार में तीन घंटे तक रहा चक्का जाम
इंदौर-मुंबई नेशनल हाईवे के खलघाट टोल पर गुरुवार को 7 जिलों के किसान एकत्रित हुए। यहां पर तीन घंटे तक किसानों के समर्थन में कांग्रेसियों ने चक्काजाम किया। आंदोलन की शुरुआत में पहले धरना स्थल पर कांग्रेसी एकत्रित हुए, जहां से टोल मार्ग पर तपती धूप में बैठकर रोड को जाम कर दिया। गुरुवार को तेज धूप होने के कारण तापमान 42 डिग्री जरुर था, किंतु कांग्रेसियों ने किसानों की आवाज को बुलंद किया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ सहित धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा और बुरहानपुर के विधायकगण, सातों जिलों के कांग्रेस जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने सड़क पर गेहूं, सोयाबीन एवं प्याज डालकर सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया तथा किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी के चलते पहले से ही खलघाट पर बडी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था। कांग्रेसियों के रोड पर चक्काजाम के कारण मार्ग वाहनों की लंबी लाइन भी नजर आई। हालांकि पुलिसकर्मियों ने कई वाहनों को कुछ दूर पहले से ही डाइवर्ट करना शुरु कर दिया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में कांग्रेस के झंडे, किसान की समस्या लिखी तख्तियां एवं अम्बेडकर और गांधी की तस्वीरें लेकर मोहन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की फसल समय पर एमएसपी पर नहीं खरीदी गई तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और उग्र करेगी। आंदोलन के समापन अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लगातार लड़ती रहेगी।
सरकार झालमुड़ी खा रही- सिंघार
भीषण गर्मी के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह एवं जोश देखने को मिला। धरना स्थल पर कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ द्वारा विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई, जहां गर्मी के कारण बेहोश हुए कई लोगों का तत्काल उपचार किया गया। खलघाट टोल टैक्स पर चक्काजाम खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर है, लेकिन सरकार कुंभकरण की नींद में सो रही है। अगर सरकार को सिर्फ बंगाल की राजनीति करनी है, तो मुख्यमंत्री वहीं चले जाएं, फिर मध्य प्रदेश में उनका क्या काम है। सिंघार ने कहा कि किसान सब देख रहा है और अगर सरकार किसानों को रुलाएगी तो किसान भी सरकार को रुलाने का काम करेंगे। इस समय पूरी बीजेपी “झालमुड़ी खाने” में व्यस्त है। पश्चिम बंगाल की राजनीति दिखाई दे रही है, लेकिन किसानों का गेहूं और सोयाबीन दिखाई नहीं दे रहा।
धुप में बिगड़ी तबीयत
आंदोलन समाप्त होने के तुरंत बाद धरमपुरी के पूर्व विधायक पाचीलाल मेड़ा और धार जिला महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि बी.पी कम होने और चक्कर आने के कारण दोनों की तबियत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद ड्यूटीरत डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से दोनों को स्वास्थ्य केंद्र धामनोद भेजा गया। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने तत्काल धामनोद के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया गया। फिलहाल दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।