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महा चक्काजाम: किसानों की मांगों को लेकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी, शाजापुर में जीतू तो धार में उमंग ने भरी हुंकार

Thu, 07 May 2026 07:26 PM IST
Dinesh Sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

MP Congress Protest: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने किसानों की मांगों को लेकर एनएच-3 सहित प्रदेशभर में चक्काजाम आंदोलन किया। नेताओं ने सरकार पर समर्थन मूल्य और फसल खरीद के वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पंचायत स्तर तक और तेज किया जाएगा।

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कांग्रेस के आंदोलन में शामिल हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को प्रदेशव्यापी चक्काजाम आंदोलन किया। मुंबई–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) सहित प्रदेश के करीब 747 किलोमीटर क्षेत्र में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलन के जरिए किसानों को समर्थन मूल्य, फसलों के उचित दाम और किसान विरोधी नीतियों के मुद्दे उठाए गए।

 
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कांग्रेस के प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों ने आंदोलन का नेतृत्व किया। मुरैना में सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह और विधायक हेमंत कटारे मौजूद रहे। ग्वालियर में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह और सहप्रभारी संजना जाटव शामिल हुए। शिवपुरी में पूर्व मंत्री के.पी. सिंह और प्रदेश महासचिव यादवेन्द्र सिंह ने आंदोलन में भाग लिया। गुना में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

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ग्वालियर में कांग्रेस ने जमकर नारेबाजी भी की। - फोटो : अमर उजाला
'दबाई जा रही किसानों की आवाज'
शाजापुर में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सहप्रभारी संजय दत्त, सीडब्ल्यूसी सदस्य मीनाक्षी नटराजन, विधायक महेश परमार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा मौजूद रहे। वहीं इंदौर में सहप्रभारी उषा नायडू आंदोलन में शामिल हुए। खलघाट में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सहप्रभारी रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और सचिन यादव सहित कई विधायक उपस्थित रहे। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।


 

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गुना में जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
'वादा अधूरा, किसानों को मजबूर कर रही सरकार'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने वर्ष 2023 में किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने, 3100 रुपये धान और 6000 रुपये सोयाबीन खरीदने के वादे अधूरे हैं। उनका आरोप था कि सरकार सीमित मात्रा में खरीदी कर किसानों को कम दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर कर रही है।

 
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धार जिले के खलघाट में उमंग सिंघार ने हुंकार भरी - फोटो : अमर उजाला
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार को तीन साल का समय दिया, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान परेशान है और सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अपनी उपज के उचित दाम के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि सरकार अन्य मुद्दों में व्यस्त है।

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आंदोलन का सबसे बड़ा असर ग्वालियर में देखने को मिला, जहां आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। ग्वालियर में इस आंदोलन की कमान अशोक सिंह, कमलेश्वर पटेल और संजना जाटव ने संभाली। नेताओं ने किसानों के साथ सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर डीआरपी लाइन स्थित अस्थायी जेल भेज दिया।

शिवपुरी के पड़ोरा चौराहे पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्र हुए और सड़क पर डेरा जमा लिया। ‘भाजपा तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारों के साथ कांग्रेसियों ने चक्काजाम कर दिया। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई और दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ यात्री बसें भी जाम में फंस गईं, जिससे मुसाफिरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

 
 
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गुना में कांग्रेस का आंदोलन - फोटो : अमर उजाला

गुना में किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का हल्ला बोल
गुना जिला कांग्रेस कमेटी ने नेशनल हाईवे-46 पर जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री एवं राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में हुए इस चक्काजाम में जिलेभर से बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता बायपास तिराहे पर एकत्र हुए। जयवर्धन सिंह खुद ट्रैक्टर चलाकर धरना स्थल पहुंचे। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया और सरकार विरोधी नारों से हाईवे गूंज उठा।

सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुए धरने के कारण एनएच-46 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कांग्रेस नेताओं और किसानों ने हाईवे पर ही दरी बिछाकर प्रदर्शन किया। मंच से वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। बमोरी विधायक सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जिला पदाधिकारी और ब्लॉक अध्यक्ष धरना स्थल पर मौजूद रहे। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। एडीएम, एसडीएम, एएसपी, सीएसपी के साथ आधा दर्जन से अधिक थानों के थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। कांग्रेस का धरना तय समय से करीब एक घंटे देरी से शुरू हुआ, लेकिन जयवर्धन सिंह के पहुंचते ही आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली।



जयवर्धन सिंह ने कहा कि आज किसान खाद, बिजली, पानी, फसल भुगतान और खरीदी की अव्यवस्था से परेशान है, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में तौल में कटौती और रिजेक्ट के नाम पर किसानों का शोषण हो रहा है। भुगतान में महीनों की देरी से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डीएपी और यूरिया की भारी कमी है। ऑनलाइन व्यवस्था इतनी जटिल है कि छोटा किसान खाद नहीं ले पा रहा। 2 बीघा पर 1 कट्टा खाद का नियम किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने ई-उपार्जन प्रक्रिया को सरल करने, ऑफलाइन विकल्प शुरू करने और 7 दिन में गेहूं का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

 

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धार मे कांग्रेस का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

धार में तीन घंटे तक रहा चक्का जाम
इंदौर-मुंबई नेशनल हाईवे के खलघाट टोल पर गुरुवार को 7 जिलों के किसान एकत्रित हुए। यहां पर तीन घंटे तक किसानों के समर्थन में कांग्रेसियों ने चक्काजाम किया। आंदोलन की शुरुआत में पहले धरना स्थल पर कांग्रेसी एकत्रित हुए, जहां से टोल मार्ग पर तपती धूप में बैठकर रोड को जाम कर दिया। गुरुवार को तेज धूप होने के कारण तापमान 42 डिग्री जरुर था, किंतु कांग्रेसियों ने किसानों की आवाज को बुलंद किया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ सहित धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा और बुरहानपुर के विधायकगण, सातों जिलों के कांग्रेस जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने सड़क पर गेहूं, सोयाबीन एवं प्याज डालकर सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया तथा किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदने की मांग की।

आंदोलन की चेतावनी के चलते पहले से ही खलघाट पर बडी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था। कांग्रेसियों के रोड पर चक्काजाम के कारण मार्ग वाहनों की लंबी लाइन भी नजर आई। हालांकि पुलिसकर्मियों ने कई वाहनों को कुछ दूर पहले से ही डाइवर्ट करना शुरु कर दिया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में कांग्रेस के झंडे, किसान की समस्या लिखी तख्तियां एवं अम्बेडकर और गांधी की तस्वीरें लेकर मोहन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की फसल समय पर एमएसपी पर नहीं खरीदी गई तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और उग्र करेगी। आंदोलन के समापन अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लगातार लड़ती रहेगी।

सरकार झालमुड़ी खा रही- सिंघार
भीषण गर्मी के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह एवं जोश देखने को मिला। धरना स्थल पर कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ द्वारा विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई, जहां गर्मी के कारण बेहोश हुए कई लोगों का तत्काल उपचार किया गया। खलघाट टोल टैक्स पर चक्काजाम खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर है, लेकिन सरकार कुंभकरण की नींद में सो रही है। अगर सरकार को सिर्फ बंगाल की राजनीति करनी है, तो मुख्यमंत्री वहीं चले जाएं, फिर मध्य प्रदेश में उनका क्या काम है। सिंघार ने कहा कि किसान सब देख रहा है और अगर सरकार किसानों को रुलाएगी तो किसान भी सरकार को रुलाने का काम करेंगे। इस समय पूरी बीजेपी “झालमुड़ी खाने” में व्यस्त है। पश्चिम बंगाल की राजनीति दिखाई दे रही है, लेकिन किसानों का गेहूं और सोयाबीन दिखाई नहीं दे रहा।

धुप में बिगड़ी तबीयत
आंदोलन समाप्त होने के तुरंत बाद धरमपुरी के पूर्व विधायक पाचीलाल मेड़ा और धार जिला महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीति माहेश्वरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि बी.पी कम होने और चक्कर आने के कारण दोनों की तबियत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद ड्यूटीरत डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से दोनों को स्वास्थ्य केंद्र धामनोद भेजा गया। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने तत्काल धामनोद के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया गया। फिलहाल दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।

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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला
किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करे कांग्रेस: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

सागर में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों को भ्रमित कर राजनीति करती रही है। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय खरीदी केंद्रों पर जाकर किसानों की मदद करनी चाहिए।

पत्रकारों से चर्चा में मंत्री राजपूत ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने खेती को लाभ का धंधा बनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 55 वर्षों के शासनकाल में गेहूं के समर्थन मूल्य में केवल 500 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बढ़ोतरी 1300 रुपये तक पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां किसानों को गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। मंत्री ने किसानों के लिए बड़ी राहत देते हुए बताया कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर अब 23 मई 2026 कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी उपज बेच सकें।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आज मध्य प्रदेश का गेहूं 47 से अधिक देशों में निर्यात हो रहा है। साथ ही प्रदेश का बासमती चावल खाड़ी देशों, अमेरिका और यूरोप तक पहुंच बना चुका है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट वर्षों तक दबाकर रखी, उन्हें किसानों के हित की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

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