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बच्चों को आ रहे हार्टअटैक और 60 की उम्र में ये दौड़ रहे मैराथन, जानें आज कौन सी गलतियां कर रहे हम

Sat, 28 Jan 2023 08:35 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

डॉक्टर योगेंद्र व्यास चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं। तेजी से बढ़ते हार्टअटैक और अन्य बीमारियों के बीच उन्होंने अमर उजाला को विस्तार से बताया कि आज हर परिवार में कौन सी गलतियां हो रही हैं। वे दक्षिण अफ्रीका में होने वाली कॉमरेड मैराथन में भाग लेने जा रहे हैं।
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डॉक्टर योगेंद्र व्यास - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
डॉक्टर योगेंद्र व्यास की फिटनेस 60 की उम्र में भी सभी के लिए प्रेरणा है। ये न सिर्फ खुद का और अपने परिवार का ध्यान रखते हैं बल्कि सैकड़ों लोगों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे हैं। इन्होंने इंदौर में सुपर चार्जर्स ग्रुप की स्थापना की और शहर को मैराथन में दौडऩा सिखाया। आज इनके ग्रुप में सैकड़ों लोग जुड़े हुए हैं और सभी का उद्देश्य इंदौर को स्वास्थ्य में नंबर वन बनाना है। अमर उजाला से बातचीत में डॉक्टर योगेंद्र व्यास ने बताया कि हमें किन बातों का बेहद ध्यान रखना चाहिए...

बच्चों को जी भरकर खेलने दें
आजकल बच्चों में भी हार्टअटैक जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। मैं एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट हूं और डॉक्टर होने के नाते मैं इसे जीवनशैली से जुड़ी परेशानी मानता हूं। आज बच्चा 3 से 4 साल की उम्र में स्कूल जा रहा है और पांच साल से तो कोचिंग भी शुरू हो जाती है। बच्चों को सुबह और शाम को दो-दो घंटे खेलना चाहिए तभी उनका शरीर मजबूत बनेगा वरना कम उम्र में हार्ट अटैक जैसी समस्याएं और भी बढ़ती जाएंगी।

एजुकेशन का तनाव न दें
बच्चों पर बचपन से ही एजुकेशन का तनाव दिया जा रहा है जो उनमें कार्टिसोल हार्मोन्स बढ़ता है। बचपन से होने वाला यह तनाव कम उम्र में हार्ट अटैक का कारण बन रहा है।

बचपन में इन लक्षणों को पहचानें
कुछ बच्चों में जन्मजात हार्ट प्रॉब्लम भी होती हैं जो पहचान में नहीं आती। इसलिए खेलने कूदने के दौरान उसकी सांस फूले या नाखून नीले पड़ जाएं तो तुरंत जांच करवाएं। 
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डॉक्टर योगेंद्र व्यास - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
मोबाइल एडिक्शन से बचें
दिनभर मोबाइल से चिपके रहने से शारीरिक और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों में तो यह कई तरह की विकृतियां ला रहा है। इसका सीमित उपयोग करें। बसों, ट्रेन या हर जगह लोग बस सिर झुकाए मोबाइल में घुसे हैं। यह बदलना होगा। 

कच्ची घानी का तेल लें, गेहूं-मैदा-रवा खाना छोड़ दें
घरों में कच्ची घान का तेल लाएं। मशीनों से बना तेल नुकसानदायक होता है। गेहूं-मैदा-रवा खाने की जगह जौ, मक्का, बाजरा, रागी, कुटकी जैसे मिलेट्स खाएं। इनमें फाइबर ज्यादा होता है। 

संतोष रखें, पैसों के पीछे न भागें, स्वास्थ्य की पूंजी जमा करें
प्रतिस्पर्धा के चक्कर में स्वास्थ्य को पीछे न छोड़ दें। दिनभर पैसों के पीछे भागने की जगह स्वास्थ्य की पूंजी भी जमा करें। मैं डॉक्टर होकर 300 रुपए की जींस पहनता हूं। मेरे लिए स्वास्थ्य ही प्राथमिकता है। परिवार को समय दें। जीवन में छोटी छोटी खुशियों को महत्व दें। 
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डॉक्टर योगेंद्र व्यास - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर में सबसे अधिक मैराथन करने वाले रनर
60 साल उम्र 
46 फुल मैराथन कर चुके, यह 42 किमी की होती है
350 हाफ मैराथन की यह 21 किमी की होती है
12 घंटे की रन पांच बार कर चुके यह सुबह छह से शाम को छह बजे तक होती है
40 घंटे की नॉनस्टाप साइकिलिंग में 600 किमी की दूरी तय की
101 साल पुरानी कॉमरेड मैराथन के लिए अब दक्षिण अफ्रीका जाएंगे। इसमें 12 घंटे में 90 किमी दौडऩा है। 
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