परिस्थितियों को मात देकर दुनिया में परचम लहराने की आपने कई मिसालें देखी और सुनी होंगी। लेकिन क्या आपको पता है कि देश में स्वच्छता अभियान के तहत कराए गए सर्वे में सफाई के मामले में इंदौर को दूसरी बार पहली रैंकिंग मिली है। पढ़िए इस शहर की सक्सेस स्टोरी..
विज्ञापन
2 of 7
इंदौर नंबर-1 पायदान पर है। यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। साल 2011-12 में इंदौर सफाई के मामले में 61वें स्थान पर था। चार साल बाद 2015 में इंदौर 25वें पायदान पर आ गया था। करीब सवा दो साल बाद अब इंदौर ने स्वच्छता के मामले में फिर से मिसाल पेश की है।
विज्ञापन
3 of 7
इंदौर में नगर निगम ने सैकड़ों कर्मचारियों और आधुनिक मशीनों से सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाया। इतना ही नहीं, इंदौर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काफी ज्यादा काम हुआ है। इंदौर शहर और जिला दोनों ही खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। शहरी व ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है।
4 of 7
शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया। शहर में हर घर से कचरा उठाने के लिए नगर निगम का वाहन पहुंचता है। घर से कचरा उठाने के वक्त ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर लिया जाता है।
विज्ञापन
5 of 7
रहवासी इलाके में दिन में एक बार जबकि व्यावसायिक इलाकों में दो बार कचरा कलेक्ट किया जाता है। क्लीन इंदौर के लिए शहर में नगर निगम और जिला प्रशासन ने विशेष जागरुकता अभियान चलाए। शहर को खुले डस्टबिन से मुक्ति दिलाने के लिए डस्टबिन फ्री अभियान चलाया गया।
विज्ञापन
6 of 7
indore
इस अभियान के तहत सुंदर और पूरी तरह से बंद दो डस्टबिन लगाए गए, जिसमें सूखा और गीला कचरा अलग-अलग इकठ्ठा होता है। शहर में पांच जगहों पर ट्रांसपोर्टेशन हब बनाए गए, यहां से सारा कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचता है।
सूखा और गीला कचरा अलग-अलग होने की वजह से तुरंत प्रोसेसिंग के लिए चला जाता है। यहां कचरे से खाद बनाने के अलावा प्लास्टिक सामग्री को प्रोसेस कर सड़क बनाने में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।