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Indore Mayor Election: कांग्रेस के लिए शुक्ला मैदान में, भाजपा नामों में ही उलझी, गाइडलाइन से बढ़ी मुश्किलें

Wed, 08 Jun 2022 05:00 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

नगर निगम चुनाव में इंदौर के महापौर पद के लिए भाजपा अब तक उम्मीदवार घोषित नहीं कर सकी है। दावेदारों के नाम अनेक है मगर एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। कांग्रेस ने विधायक संजय शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। 
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कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने इंदौर पहुंचे प्रभारी मंत्री मिश्रा - फोटो : सोशल मीडिया
नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा में जमकर खींचतान चल रही है। कांग्रेस एक कदम आगे निकलते हुए पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी है तो भाजपा में अभी तक मंथन ही चल रहा है। गाइडलाइन के फेर में दावेदार उलझे हुए हैं और सीएम के सपनों का शहर इंदौर अब तक इंतजार कर रहा है कि भाजपा किसे उम्मीदवार बनाएगी। 

दरअसल, नगरीय निकाय चुनावों के चलते भाजपा ने कहीं भी उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इंदौर का नाम सबकी जुबां पर है क्योंकि यहां कांग्रेस ने विधायक संजय शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है और शुक्ला प्रचार करना भी शुरू कर चुके हैं। उनका नाम तय होते ही वे मिशन महापौर पर निकल चुके हैं और जनसमर्थन भी मिल रहा है जबकि भाजपा अभी तक तय नहीं कर पा रही है कि किसे उम्मीदवार बनाएं। दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है और भाजपा इन्हीं में उलझी हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

इधर प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा में बैठकें भी चल रही है। बुधवार को मप्र के गृहमंत्री और इंदौर के प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा इंदौर पहुंचे और कोर कमेटी की बैठक में शामिल हुए। भाजपा कार्यालय पर यह बैठक हुई जिसमें मंत्री मिश्रा ने कहा कि इंदौर में भाजपा का महापौर प्रत्याशी शहर के सपनों को साकार करने वाला होगा। बैठक में आगामी नगरीय निकाय चुनाव एवं अन्य मुख्य विषयों के साथ ही पूर्व में किए गए आयोजन एवं कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों एवं आयोजनों की योजना एवं रूपरेखा को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। हालांकि मिश्रा ने कहा कि कोर कमेटी की बैठक केवल चुनावी रणनीति तय करने के लिए थी। उम्मीदवारों या प्रत्याशियों के बारे में इस बैठक में कोई चर्चा नहीं की गई, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में उम्मीदवारी को लेकर भी मंथन किया गया है।

इंदौर मुख्यमंत्री के सपनों का शहर है। यहां की नगर निगम पर कब्जा जमाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि अब तक तो आसानी से भाजपा का महापौर बनता आया है लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी उलझी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस ने विधायक संजय शुक्ला का टिकट फाइनल कर दिया है। शुक्ला के सामने भाजपा को ऐसा ही उम्मीदवार उतारना पड़ेगा जो उन्हें टक्कर दे सके। कहा तो यह भी जा रहा है कि भाजपा में जो भी उम्मीदवार होगा उसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पसंद अहम रहेगी। उनके सपनों के शहर में उनकी पसंद का ही महापौर वे देखना चाहते हैं।  पिछली बार भी विधायक मालिनी गौड़ का टिकट उनकी पसंद से ही दिया गया था। वे शहर के विकास की बागडौर किसी ऐसे नेता के हाथ में नहीं देना चाहेंगे, जिससे काम कराना कठिन हो जाए। ऐसे में अब नाम की तलाश हो रही है कि किस पर दांव खेला जाए।
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भाजपा कार्यालय इंदौर - फोटो : सोशल मीडिया

दावेदारों की लंबी फेहरिस्त
दावेदारों की बात करें तो सबसे पहला नाम तो तीन बार के विधायक रमेश मेंदोला का है जो विजयवर्गीय के खास हैं। बार-बार मंत्री बनने की उनकी अटकलें चलती हैं लेकिन हर बार वे मंत्री पद से दूर कर दिए जाते हैं, ऐसे में हो सकता है कि इस बार भाजपा मेंदोला का महौपार उम्मीदवार बनाकर तोहफा दे दे। दूसरी संभावना दो बार के विधायक रहे सुदर्शन गुप्ता की है। उनके शिवराज सिंह चौहान से तो संबंध है ही मगर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के भी करीबी बताए जाते हैं। पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे भी दौड़ में है, हालांकि पिछले कुछ समय से वे ज्यादा चर्चाओं में नहीं है। कोशिश जरूर कर रहे हैं लेकिन उम्र की गाइडलाइन लागू हुई तो मोघे को निराश होना पड़ेगा। सगंठन में पकड़ रखने वाले गोपीकृष्ण नेमा का नाम भी दौड़ में शामिल है। वे सांसद शंकर लालवानी सहित सुमित्रा ताई के करीबी कहे जाते हैं। संगठन के अन्य पदाधिकारियों से भी अच्छे रिश्ते हैं। एक नाम मधु वर्मा का भी है जो आईडीए अध्यक्ष रह चुके हैं। हालांकि वे विधायक चुनाव हार चुके हैं। एक बार पहले महापौर चुनाव भी हारे थे। इन नामों के बीच भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा का नाम भी चर्चाओं में है। वहीं विधायक आकाश विजयवर्गीय और एकलव्य सिंह गौड़ को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि भाजपा ने गाइडलाइन तय की है कि विधायक-सांसद को टिकट नहीं मिलेगा, ऐसे में रमेश मेंदोला की दावेदारी खतरे में है। रणदिवे के नाम आगे करने के पीछे सुमित्रा महाजन का नाम भी सामने आ रहा है और मराठी वोटरों को साधने की बात कही जा रही है वहीं उमेश शर्मा प्रदेश प्रवक्ता है और ब्राह्मण समाज के वोटों के लिहाज से उनका नाम प्रबल माना जा रहा है। इन सबके अलावा डॉक्टर,वकील, इंजीनियर जैसे सामाजिक क्षेत्रों में काम करने वालों को लेकर भी भाजपा मंथन कर रही है। इसके चलते भाजपा के समीकरण उलझे हुए हैं।
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कांग्रेस प्रत्याशी ने शुरू किया जनसंपर्क - फोटो : सोशल मीडिया

कांग्रेस ने शुक्ला को बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस की बात करें तो यहां पार्टी ने विधायक संजय शुक्ला को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। शुक्ला ने 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुदर्शन गुप्ता को हराया था। वे लगातार सक्रिय भी हैं और सुर्खियों में रहते हैं। हालांकि दौड़ में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, छोटे यादव जैसे कई नेता भी थे मगर पार्टी ने संजय शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवारी घोषित होते ही संजय शुक्ला ने काम शुरू कर दिया है। वे लगातार पार्टी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और जनता के बीच जा रहे हैं। जब तक भाजपा का उम्मीदवार घोषित होगा तब तक शुक्ला आधे से ज्यादा शहर में घूम चुके होंगे, ऐसे में भी चर्चा हो रही है कि भाजपा इतनी देर क्यों कर रही है। 

पहले चरण में होंगे इंदौर में चुनाव
बता दें कि मप्र में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 6 जुलाई को और दूसरे चरण का मतदान 13 जुलाई को होगा। इंदौर में नगर निगम के चुनाव प्रथम चरण में होंगे। 6 जुलाई को वोटिंग होगी। 17 जुलाई को परिणाम आएगा। इंदौर में 6 विधानसभा क्षेत्रों में 85 वार्ड हैं। 11 जून को चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 18 जून को नामांकन प्राप्त करने की अंतिम तारीख रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच 20 जून को होगी। इस बार ऑनलाइन नामांकन भी किया जा सकेगा।  झूठा शपथ पत्र देने पर छह माह की सजा 25000 का जुर्माना का प्रावधान है। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 22 जून रहेगी। 
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