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खुशखबर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने मारी बाजी, स्मार्ट सिटी कॉन्फ्रेंस में मिले छह पुरस्कार

Mon, 18 Apr 2022 04:54 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

स्वच्छता में पूरे देश में अव्वल रहने वाले इंदौर के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। स्मार्ट सिटी कॉन्फ्रेंस में इंदौर को छह पुरस्कार मिले हैं। सूरत में हो रहे इस आयोजन में इंदौर नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। 
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पुरस्कार ग्रहण करतीं नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल - फोटो : सोशल मीडिया
स्वच्छता में देशभर में सिरमौर रहे इंदौर का नाम एक बार फिर चमका है। स्मार्ट सिटी कॉन्फ्रेंस में इंदौर को छह पुरस्कार मिले हैं। सूरत में हुए आयोजन में नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने ये पुरस्कार ग्रहण किए हैं। 

दरअसल, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को देश के 100 स्मार्ट शहरों में विजेता रहे शहरों के सूरत में पुरस्कृत किया । इस प्रतियोगिता में इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी को सात पुरस्कार मिलें। इंडिया स्मार्ट सिटीज अवार्ड कांटेस्ट (आईएसएसी)-2020 की सभी प्रतियोगिताओं में ओवरआल विनर के रूप में इंदौर के साथ सूरत को चुना गया है।  स्मार्ट शहरों के राउंड वन में इंदौर व सूरत को नंबर वन का स्थान मिला। जबलपुर को तीसरा स्थान मिला। इंदौर नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल व स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ ऋषव गुप्ता सोमवार को सूरत के प्लेटिनम हाल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और शहरी आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी पुरस्कार दिया। 
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छह श्रेणिय़ों में इंदौर को मिला प्रथम पुरस्कार - फोटो : सोशल मीडिया

गुजरात के सूरत में स्मार्ट सिटीज कॉन्फ्रेंस का आयोजन  हुआ जिसमें इंदौर को छह पुरस्कार मिले हैं। सभी श्रेणियों में (ओवर ऑल) इंदौर को प्रथम पुरस्कार मिला। बिल्ट एनवायरमेंट के लिए 56 दुकान को प्रथम पुरस्कार मिला। 
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सूरत में हो रहा है आयोजन, जहां निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने पुरस्कार ग्रहण किए - फोटो : सोशल मीडिया
सैनिटेशन म्यूनिसिपल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए इंदौर नगर निगम को प्रथम पुरस्कार मिला। कल्चर हेरिटेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट (संस्कृति-विरासत संरक्षण परियोजनाएं) में इंदौर को प्रथम स्थान मिला। इकोनॉमिक कार्बन क्रेडिट फाइनेंशियर मेकैनिज्म में पहला पुरस्कार मिला। इनोवेटिव आईडिया अवार्ड- कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग मेकैनिज्म में भी शहर अव्वल आया है। 



इन श्रेणियों में अव्वल रहा इंदौर--

ओवरऑल में इंदौर और सूरत दोनों विजेता रहे। राउंड-1 में इंदौर और सूरत को पहला स्थान मिला है जबकि जबलपुर को तीसरा स्थान दिया गया है। 

बेहतर वातावरण तैयार किया: प्रतियोगिता के इस वर्ग में स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा 56 दुकान के लिए किए गए कायाकल्प को पहला पुरस्कार मिला है।

विशेषता-

खानेपीने की शौकीनों की खास जगह

शहर की पहली नो व्हीकल स्ट्रीट

खुले में बैठने की जगह, जहां कई गतिविधियां होती है।

छप्पन के विकास में यहां के दुकानदारों ने भी किया सहयोग

छप्पन के रिनोवेशन के बाद यहां पर 5 से 15 हजार लोग प्रतिदिन पहुंचते है।


-सेनिटेशन-निगम का कचरा प्रबंधन सिस्टम : इस श्रेणी में इंदौर के साथ त्रिपुरा को पहला पुरस्कार मिला। इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी के माध्यम से शहर में पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के तहत दो बायो सीएनजी प्लांट बने।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2015-16 में इंदौर ने कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को शुरु किया। घरो से डोर टू डोर कचरा वाहनों से कचरा एकत्र कर शहर के अलग-अलग स्थानों कचरा ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाया और वहां से इसे बड़े वाहनों के माध्यम से प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया। गीले कचरे से शहर में शुरुआती दौर में 20 टन व 15 टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायो सीएनजी प्लांट तैयार हुए। यहां बनी गैस का उपयोग शहर में निगम के वाहनों में किया गया।  गीले कचरे के वेस्ट का खाद के रुप में इस्तेमाल हुआ।


 संस्कृति- विरासत संरक्षण परियोजना: इस श्रेणी में इंदौर को चंडीगढ़ के साथ पहला पुरस्कार मिला। तीसरा पुरस्कार ग्वालियर को मिला।

शहर में स्मार्ट सिटी द्वारा राजवाड़ा पैलेस, गोपाल मंदिर परिसर, मल्हारराव होलकर छत्री, हरिराव होलकर छत्री और बोलिया सरकार छत्री का विकास किया। 18 मई 1724 को मराठा पेशवा बाजीराव के बाद इंदौर हिंदू मराठा साम्राज्य के अधीन आ गया था। ब्रिटिश राज्य में इंदौर राज्य पर मराठा होलकर वंश का शासन था। स्मार्ट सिटी ने शहर की ऐतिासिक धरोहरों का जीर्णोद्धार कर ऐतिहासिक महत्व को कायम रखा।

अर्थव्यवस्था-कार्बन ऋण वित्तपोषण तंत्र:  इस वर्ग में इंदौर को प्रथम पुरस्कार मिला।

शहर में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए देवगुराड़िया पर 600 टन क्षमता खाद, चोइथराम मंडी में 20 टन व कबीटखेड़ी में 15 टन बायोसीएनजी प्रतिदिन तैयार किया गया। यह योजनाएं आगामी 30 वर्षो के लिए है। इससे लगभग तीन लाख 50 हजार कार्बन क्रेडिट प्रतिवर्ष मिलेग। इसका अंतराष्ट्रीय बाजार में मूल्य 1.5 करोड़ रुपये से 3 करोड़ रुपये है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने शहर में कार्बन क्रेडिट से आय का सिस्टम विकसित किया।


इनोवेटिव आइडिया अवार्ड- कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग मैकेनिज्म: इस वर्ग में इंदौर को प्रथम पुरस्कार मिला

स्मार्ट सिटी कंपनी में 20 टन व 15 टन क्षमता के दो बायो मीथेन संयत्र स्थापित किए। इन प्लांट के नवाचार के लिए इंदौर को यह पुरस्कार मिला।
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