केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर-चंबल में तीन दिनों के दौरे पर हैं। वे इस दौरान अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ावर्ग के सम्मेलन में उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। वहीं एक कार्यक्रम में वे खाना खाते और खाना परोसते भी देखे गए।
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अनुसूचित वर्ग के सम्मेलन में सिंधिया ने परोसा खाना
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होना हैं। दोनों प्रमुख दल तैयारियों में जुटे हैं, साथ ही अपनी कमी तलाश करते हुए उसे सुधारने में लगे हैं। प्रदेश में इन दिनों जातिगत समीकरण बिगड़ता लग रहा है। भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती भी खुलकर ये बात कह चुकी हैं। ग्वालियर-चंबल में जातिगत समीकरण साधने का काम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कर रहे हैं। उनकी सक्रियता तो इसी तरफ इशारा कर रही है।
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सिंधिया ने प्लेट लगाकर कार्यकर्ता को थमाई।
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि सिंधिया ग्वालियर-चंबल में तीन दिनों के दौरे पर हैं। वे इस दौरान अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ावर्ग के सम्मेलन में उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। वहीं एक कार्यक्रम में वे खाना खाते और खाना परोसते भी देखे गए। शनिवार शाम को सिंधिया अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के सम्मेलन में पहुंचे। वहां उन्होंने समाज के इन वर्गों को महत्वपूर्ण बताया। उनके साथ खाना खाया और परोसा।
सिंधिया का ये अंदाज देखकर लोग चौंके भी।
- फोटो : सोशल मीडिया
महाराज के इस दौरे और अतिसक्रियता को भाजपा के जातिगत समीकरण साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि प्रीतम लोधी को भाजपा से निष्काषित करने के बाद इलाके में सवर्ण विरुद्ध दलित-ओबीसी का मुद्दा जोर पकड़ रहा है। राजपूत समुदाय के एक एसएएफ कर्मचारी ने पिछड़े वर्ग के यादव समाज के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर यादव समाज में नाराजगी है। कुल मिलाकर ग्वालियर-चंबल में संदेश फैल रहा है कि भाजपा सवर्णों की पार्टी है। इसी इमेज को सुधारने के लिए भाजपा ने इलाके के कद्दावर ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान में उतारा है।