ग्वालियर में नारायण हरि साकार का आश्रम।
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इस दौरान बाबा के कुछ अनुयाई भी मिले जो अपने साथ बाबा की मूर्ति लेकर चलते हैं, उन्हें ईश्वर मानते हैं। ऐसी ही एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि बाबा ईश्वर का रूप हैं, मैं सात वर्ष की थी, तब से पूजा कर रही हूं। इसके अलावा कॉलोनी के ज्यादातर घरों पर बाबा की तस्वीर लगी हुई है। बाबा के अनुयाई उनकी भक्ति में इतने लीन हैं कि उन्होंने ईश्वर का नाम लेना ही छोड़ दिया है, वे कहते हैं कि हम सबके लिए बाबा ही भगवान हैं, इनके अलावा हम किसी की पूजा नहीं करते। बाबा कुछ भी कर सकते हैं।