आठ दशक से जल रही धूनी।
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87 सालों से जल रही धूनी
खंडवा में गुरुपूर्णिमा के मौके पर धूनी वाले दादाजी महाराज के आश्रम में देश भर से हजारों शिष्य उनकी समाधि पर माथा टेकने आते हैं। खंडवा के इंदौर रोड पर भगवान शंकर के अवतार कहे जाने वाले संत केशवानंद जी महाराज की भव्य समाधि स्थापित है। मंदिर परिसर में मौजूद समाधी स्थल पर ही उन्होंने सन 1930 में अपना देहत्याग किया था। अवधूत संत श्री केशवानंद जी महाराज उर्फ़ बड़े दादाजी अपने निकट हमेशा एक धूनी जलाए रखते थे। वही धूनी आज भी मंदिर परिसर में लगातार पिछले करीब 87 वर्षों से जलती आ रही है। बड़े दादाजी के बाद लगभग 12 साल तक उनके शिष्य रहे हरिहर नाथ जी महाराज ने उनकी समाधि की सेवा की थी। जिसके बाद वर्ष 1942 में छोटे दादाजी ने भी देहत्याग कर दिया था। इनकी इच्छा स्वरूप हरिहर नाथ जी महाराज उर्फ़ छोटे दादाजी की समाधि भी बड़े दादाजी की समाधि के निकट ही स्थापित की गई। गुरु-शिष्य की इन समाधियों को देखने दादाजी मंदिर परिसर में देशभर से लाखों लोगों का गुरुपूर्णिमा के दिन जमावड़ा लगता है।
महिला मंडल ने अयोध्या की तर्ज पर खंडवा के इस मंदिर निर्माण की मोदीजी से की मांग
बड़े दादाजी और छोटे दादाजी महाराज की समाधी स्थल को भगवान श्री राम के मंदिर की तर्ज पर भव्य मंदिर बनाए जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र लिखकर गुहार लगाई गई है। पत्र खंडवा के एक महिला मंडल ने लिखा है। महिलाओं ने इसे प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्विटर पर टैग भी किया है। बता दें कि खंडवा में संत श्री दादाजी महाराज का मंदिर है। दादाजी के इस समाधी स्थल को जीर्णोद्धार कर भव्य मंदिर बनाने की कवायद यहाँ भक्तों के एक पक्ष के द्वारा की जा रही है। परन्तु दूसरा पक्ष मंदिर ट्रस्ट पर इस काम को पूर्ण नहीं होने देने के आरोप लगा रहा है। लम्बे समय से चले आ रहे दोनों पक्षों के विवाद के बीच अब इस मामले को लेकर पीएमओ तक गुहार लगायी गयी है, और पीएम मोदी सहित सीएम योगी से इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।