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Guna News:बारिश से गुना में बांध टूटने की आशंका,सेना बुलाई गई, सीएम पहुंचे स्टेट कमांड सेंटर

Wed, 30 Jul 2025 05:39 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

सार

गुना जिले में मूसलाधार बारिश के चलते बमोरी क्षेत्र के कलोरा डैम की वेस्ट बीयर लगभग 10 फीट तक टूट गई, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने सेना की टुकड़ी बबीना (झांसी) से मंगवाई है। एसडीईआरएफ की टीम राहत कार्य में जुटी है। कई गांवों में पानी भर गया है। घर-खेत जलमग्न हैं। प्रशासन ने 11 गांवों में अलर्ट जारी किया है। इस बीच सीएम ने आपदा नियंत्रण कक्ष (स्टेट कमांड सेंटर) पहुंचकर हालात की समीक्षा की है। 
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बाढ़ जैसे हालात। - फोटो : अमर उजाला
गुना जिलेभर में मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नालों में आई बाढ़ से संपर्क मार्ग टूट चुके हैं, कई इलाकों में पानी घरों और स्कूलों तक पहुंच चुका है। मंगलवार को जिले में रिकॉर्ड 235 मिमी (करीब 10 इंच) बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद हालात और भी गंभीर हो गए। अब मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीच सीएम ने भोपाल स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष (स्टेट कमांड सेंटर) पहुंचकर हालात की समीक्षा की और अधिकारियों को अर्लट रहने के निर्देश दिए।

गंभीर होती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी ला दी है। बमोरी क्षेत्र में मिलिट्री की दो यूनिटों को तैनात किया गया है। वहीं, कलोरा क्षेत्र में भी राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त बल बुलाए गए हैं। प्रशासन ने सभी ब्लॉकों को अलर्ट पर रखा है। SDRF की टीम भी संवेदनशील जगह पर तैनात कर दी हैं और हालात पर नजर रखने के लिए जिला कंट्रोल रूम से निगरानी लगातार जारी है।लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों में कक्षा 12वीं तक के लिए 30 जुलाई से एक अगस्त तक तीन दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया। - फोटो : अमर उजाला
गुलाबगंज वार्ड, न्यू सिटी कॉलोनी और कैंट क्षेत्र में कई मकान पूरी तरह से पानी में डूब गए थे, जहां अब हालात सामान्य हैं। कुड़की नदी का पुल टूट गया, जिससे सरदारगढ़ और पडौन के बीच संपर्क बाधित हो गया। झागर और चौपेट नदी में उफान से पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में भी पानी भरने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गंभीर होते हालात को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुना, अशोकनगर और शिवपुरी जिलों के अधिकारियों से हालात की जानकारी ली और तत्काल राहत और अलर्ट के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक बाहर न निकलें नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी प्रशासनिक अधिकारी या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

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बाढ़ के चलते गांवों में अलर्ट। - फोटो : अमर उजाला
गुना-राजस्थान सीमा के 11 गांवों में अलर्ट, सेना बुलाई गई
जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बमोरी क्षेत्र स्थित कलोरा डैम की वेस्ट बीयर (सहायक दीवार) करीब 10 फीट तक टूट गई है, जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। डैम के पूरी तरह टूटने की आशंका के बीच प्रशासन ने बबीना (झांसी) से सेना की टुकड़ी मंगवाई है और हालात पर नजर रखी जा रही है। मंगलवार को सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार तेज बारिश हुई, जिससे गुना शहर और ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया। नानाखेड़ी जैसे इलाकों में सड़कों पर पांच फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

 

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उफनाती नदी ने किया रास्ता बंद। - फोटो : अमर उजाला
बारिश और डैम से पानी का बहाव तेज होने से तुमड़ा, कुड़का, बंधा, उमरधा, बनियानी, सिंगापुर, और राजस्थान सीमा से सटे मामली और बिलोदा गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में पानी घरों में घुस गया है और खेत जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीईआरएफ (State Disaster Emergency Response Force) की टीम को मौके पर तैनात किया है। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
 
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नालों में तीव्र जलप्रवाह। - फोटो : अमर उजाला
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसडीएम शिवानी पांडे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की संभावना जताई है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमपी और राजस्थान के कुल 11 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। मिलिट्री की दो टुकड़ी भी बमौरी और कलोरा में तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन और सेना मिलकर पूरी सतर्कता से हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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गर्भवती महिला का घर पर सुरक्षित प्रसव। - फोटो : अमर उजाला
रास्ते बंद थे, फिर भी गर्भवती महिला का घर पर सुरक्षित प्रसव
जहां एक ओर गुना जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी आपदा ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया हुआ है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता एवं तत्परता ने एक महिला और उसके नवजात की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है। आपदा के बीच 35 वर्षीय महिला राधाबाई का घर पर सुरक्षित प्रसव कराकर प्रशासन ने आपातकालीन प्रबंधन के उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। मामला ग्राम सुहाया, विकासखंड बमोरी का है, जहां सुरेश लोधा की पत्नी राधाबाई को मंगलवार रात 10:15 बजे तेज प्रसव पीड़ा हुई। बारिश के चलते गांव के सारे रास्ते जलभराव और कटाव से पूरी तरह बंद हो चुके थे, जिससे किसी भी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना नामुमकिन था। ऐसे संकट की घड़ी में परिवार ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो गया।

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषि ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी कुमार ने झागर के लेवल-1 डिलीवरी प्वाइंट की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता रानी साहू को मौके पर रवाना किया। रात 11:45 बजे रानी साहू ने गांव पहुंचकर जरूरी परीक्षण और चिकित्सा देखरेख में राधाबाई का सुरक्षित प्रसव कराया। उन्होंने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन 2.5 किलोग्राम है। जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह घटना इसलिए भी खास है, क्योंकि राधाबाई की उम्र 35 वर्ष से अधिक है और यह उनका दूसरा प्रसव था। वह भी 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुआ। ऐसे में घर पर सुरक्षित प्रसव कराना न सिर्फ स्वास्थ्य कार्यकर्ता की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन और विभाग के बीच उत्कृष्ट समन्वय की भी मिसाल है।
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