मां के दर्शन को लगती हैं कतारें
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धूमावती का एकमात्र मंदिर भी यहीं
वहीं पीताम्बरा पीठ के परिसर में ही मां भगवती धूमावती देवी का देश का एक मात्र मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर परिसर में मां धूमावती की स्थापना न करने के लिए कई लोगों ने स्वामीजी महाराज को मना किया था। तब स्वामी जी ने कहा कि- मां का भयंकर रूप तो दुष्टों के लिए है, भक्तों के प्रति ये अति दयालु हैं। समूचे विश्व में धूमावती माता का यह एक मात्र मंदिर है। मां धूमावती की आरती सुबह-शाम होती है, लेकिन भक्तों के लिए धूमावती का मंदिर शनिवार को सुबह-शाम 2 घंटे के लिए खुलता है। मां धूमावती को नमकीन पकवान, जैसे- मंगोडे, कचौड़ी व समोसे आदि का भोग लगाया जाता है।मां पीताम्बरा बगलामुखी का स्वरूप रक्षात्मक है।