मध्यप्रदेश के खरगोन में पिछले साल निकाले गए रामनवमी के जुलूस में पत्थर बरसाने की घटना के बाद दो वर्गों में दंगा हुआ था। तो वहीं, इस साल रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समाज ने रामनवमी के जुलूस पर फूल बरसा कर सभी का दिल जीत लिया। गुरुवार को पूरे देश में रामनवमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर में भगवान राम की शोभा यात्रा चल समारोह या जुलूस के रूप में निकाली गई। इसी तरह की एक शोभा यात्रा के दौरान पिछले साल पत्थर बरसाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद शहर में दंगा भड़क गया था। वहीं, इस साल निकली शोभायात्रा में राम नवमी का पूरा जुलूस हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ साथ ही कहीं से भी किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला। प्रशासन की पुख्ता व्यवस्थाओं के बीच शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस की समाप्ति पर अधिकारियों ने भी चैन की सांस ली। बता दें, जिला प्रशासन ने पिछले साल से सबक लेते हुए इस वर्ष रामनवमी के जुलूस के लिए बड़े पैमाने पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के सुरक्षात्मक इंतजाम किए थे।
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खरगोन में धूमधाम से मना रामनवमी पर्व
- फोटो : अमर उजाला
रामनवमी पर सांप्रदायिक सौहार्द
खरगोन में रामनवमी पर निकाले जाने वाली शोभायात्रा की शुरुआत दोपहर में शहर के भोला चौक बस स्टैंड स्थित मंदिर से हुई। इसके बाद शोभा यात्रा तालाब चौक पर पहुंची। तालाब चौक पर पिछली बार रामनवमी के जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। लेकिन इस बार का नजारा कुछ अलग ही था। इस बार यहां पर मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वागत मंच लगाकर रामनवमी के जुलूस पर फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया। इसे सांप्रदायिक सौहार्द के रूप में भी देखा जा रहा है।
इधर खरगोन पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह ने बताया कि खरगोन जिले में लगभग 20 स्थानों पर रामनवमी के जुलूस का चल समारोह निकला है। सबसे बड़ा आयोजन खरगोन शहर में हुआ। इस दौरान पुलिस ने पूरे जुलूस पर ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी से नजर बनाए रखी। कहीं किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। वहीं खरगोन कलेक्टर शिवराज वर्मा ने कहा कि पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है।
रामनवमी पर दिखी गंगा जमुनी तहजीब
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल हुआ था दंगा
बता दें, बीते वर्ष 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के जुलूस के दौरान खरगोन के तालाब चौक पर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए थे। जिला प्रशासन को इस अप्रिय स्थिति को संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। बावजूद इसके तनाव बढ़ता गया था, जिसके चलते खरगोन जिले में कर्फ्यू लगाना पड़ा। पिछले वर्ष जुलूस में हुई हिंसा के बाद छह से ज्यादा जगह पथराव व 30 से ज्यादा दुकान-मकान में आगजनी भी हुई थी। वहीं, तत्कालीन एसपी के पैर में चोट भी आई थी। पिछली बार हुए पथराव में लगभग 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 25 से अधिक आम लोग घायल हुए थे। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इंदौर रेफर करना पड़ा था। वहीं एक अन्य व्यक्ति की हिंसा में मौत भी हो गई थी।